11 महीने के बाद प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की सुनाई दी आवाज, दिखा उत्साह, पहले दिन 60 फीसद रही हाजिरी

कोरोना महामारी के कारण पिछले 340 दिनों से प्राइमरी स्कूल बंद थे। हालांकि ऑनलाइन कक्षाएं अवश्य लग रही थीं। प्रदेश सरकार ने बुधवार को तीसरी से पांचवीं कक्षाएं शुरू करने का एलान किया था। सुबह जैसे ही स्कूल के दरवाजे खुले तो बच्चों में उत्साह भी नजर आया। नवंबर महीने में जब नौंवीं से बारहवीं की कक्षाएं शुरू हुई तो बच्चां में उत्साह नहीं नहीं आया तो बुधवार को देखने को मिला। जिले में बच्चों की हाजिरी भी 60 फीसद तक रही। पिछले एक महीने से अध्यापक व अभिभावक प्राइमरी स्कूल खोलने की मांग कर रहे थे।

JagranThu, 25 Feb 2021 07:33 AM (IST)
11 महीने के बाद प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की सुनाई दी आवाज, दिखा उत्साह, पहले दिन 60 फीसद रही हाजिरी

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

कोरोना महामारी के कारण पिछले 340 दिनों से प्राइमरी स्कूल बंद थे। हालांकि ऑनलाइन कक्षाएं अवश्य लग रही थीं। प्रदेश सरकार ने बुधवार को तीसरी से पांचवीं कक्षाएं शुरू करने का एलान किया था। सुबह जैसे ही स्कूल के दरवाजे खुले तो बच्चों में उत्साह भी नजर आया। नवंबर महीने में जब नौंवीं से बारहवीं की कक्षाएं शुरू हुई तो बच्चां में उत्साह नहीं नहीं आया तो बुधवार को देखने को मिला। जिले में बच्चों की हाजिरी भी 60 फीसद तक रही। पिछले एक महीने से अध्यापक व अभिभावक प्राइमरी स्कूल खोलने की मांग कर रहे थे।

स्कूल में प्रवेश करने वाले सभी बच्चों का मुख्य गेट पर स्क्रीनिग की गई। इसके अलावा ऑनलाइन ही अध्यापकों ने बच्चों के पास अभिभावक सहमति पत्र भेज दिया था। सुबह जब बच्चे स्कूल आए तो वो सहमति पत्र भी लेकर आए थे। पिछले कई महीनों से अध्यापक स्कूल तो जा रहे थे लेकिन खाली स्कूल नजर आने के कारण उनका मन भी नहीं लग रहा था। बुधवार से कक्षाएं शुरू होने से बच्चों के चेहरे पर खुशी नजर आने के साथ ही अभिभावक भी खुश नजर आए।

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इन आंकड़ों पर डाले नजर

-जिले के सभी खंडों में खुले स्कूल।

-29511 विद्यार्थियों की संख्या कक्षा तीसरी से पांचवीें तक।

-31000 विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों में रजिस्टर

-60511 विद्यार्थी को आना था स्कूल

-बुधवार को 60 फीसद रही हाजिरी

-36306 विद्यार्थी बुधवार को आए स्कूल।

-24205 विद्यार्थी बुधवार को नहीं आए स्कूल।

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::::ये बोले विद्यार्थी:::::

स्कूल में आने के बाद बहुत खुशी हो रही है। स्कूल न लग पाने के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। कई बार अध्यापकों को फोन करके स्कूल खोलने के लिए भी कहा था। लेकिन अध्यापकों ने कहा कि सरकार द्वारा स्कूल बंद किए गए है। जब आदेश आएंगे तो खोल दिए जाएंगे। मेरी तो यही विनती है कि अब स्कूल बंद ना करे। जो कोरोना से बचने के नियम है उसकी पालना की जाएगी।

हरगुण सिंह, छात्र कक्षा पांचवीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला अरहवां।

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ऑनलाइन पढ़ाई तो अवश्य हो रही थी लेकिन आधा ही समझ आ रहा था। ऐसे में अब स्कूल खुलने के बाद खुशी है। मेरी तो यही मांग है कि जो स्कूल 10 बजे लग रहा है उसका समय 9 बजे से 3 बजे तक किया जाए ताकि उनकी पढ़ाई पूरी हो सके।

लवप्रीत गिल, छात्रा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला अरहवां।

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स्कूल खुलने की खुशी इतनी थी कि वह सुबह 6 बजे उठ गया था। पिछले कई दिनों से शेड्यूल बिगड़ा हुआ था। गांव के अंदर स्कूल है तो ऐसे में वह 9 बजे स्कूल आ गया, लेकिन कक्षा 10 बजे शुरू हुई। अब उम्मीद है कि जो एक साल में जो भूल गए थे वो अब याद आ जाएगा। इसके अलावा कोरोना के नियमों का पालन भी किया जाएगा।

गगनदीप सिंह, चौथी कक्षा, राजकीय प्राथमिक पाठशाला अरहवां।

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पहले दिन जिस तरह बच्चों की संख्या रही है वो उत्साहवर्धन है। लेकिन सभी अध्यापकों को कोरोना के नियमों का पालन अवश्य करना है। छोटे बच्चों की देखभाल सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर बच्चा बीमार है तो उसे घर भेज दे। वहीं अभिभावकों से भी कहे कि बच्चे बीमार है तो स्कूल ना भेजे। सभी अध्यापकों से कहा गया है कि कक्षा लगने के साथ ऑनलाइन काम सुचारू रखना है।

दयानंद सिहाग

जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।

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