चोरी से बचाने का इंतजाम करने के लिए जिसे बुलाया वहीं निकला चोर, जानिए पूरा मामला Faridabad News

फरीदाबाद, जेएनएन। गांव तिगांव स्थित सरस्वती ग्लोबल स्कूल प्रबंधन चोरी जैसी वारदातों से बचने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवा रहा था। उन्हें क्या पता था कि जो कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे लगाने आया है, वहीं चोर निकलेगा। स्कूल की कंप्यूटर लैब में रखे सभी 18 महंगे कंप्यूटर चोरी कर ले जाएगा। 15 सितंबर की रात स्कूल में 18 कंप्यूटर चोरी का मामला क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर पुलिस ने सुलझा लिया है।

स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगाने आए कर्मचारी ने दो साथियों संग मिलकर कंप्यूटर चोरी किए थे। आरोपितों की पहचान गांव सीकरी पलवल निवासी लोकेश, कौशलेंदर और लोनी गाजियाबाद निवासी राजीव के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर सभी कंप्यूटर बरामद कर लिए हैं।

क्राइम ब्रांच बदरपुर बॉर्डर प्रभारी ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि लोकेश सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले एक ठेकेदार के पास कर्मचारी के तौर पर काम करता था। वह कंप्यूटर व सीसीटीवी कैमरे से संबंधित सामान लाने नेहरू प्लेस दिल्ली आता-जाता रहता है। वहीं पर उसकी पहचान कौशलेंदर और राजीव से हुई। वे भी अलग-अलग जगह पर कंप्यूटर व सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करते हैं।

लोकेश सरस्वती ग्लोबल स्कूल तिगांव में सीसीटीवी कैमरे लगाने गया था। तभी उसने स्कूल की लैब में 18 कंप्यूटर रखे देखे। सभी महंगे कंप्यूटर थे। ऐसे में उसने चोरी की योजना बना ली। सीसीटीवी कैमरे की फिटिंग के दौरान उसे देख किया कहां से स्कूल में दाखिल होना है और किस तरह कंप्यूटर लेकर जाने हैं। उसने अपनी योजना में कौशलेंदर और राजीव को भी शामिल कर लिया।

चूंकि सीसीटीवी कैमरे चालू नहीं हुए थे, ऐसे में उन्हें पकड़े जाने का डर नहीं था। 15 सितंबर की रात वे दीवार फांदकर स्कूल में घूस गए। इसके बाद बोरियों में कंप्यूटर भरकर बाहर सड़क पर ले आए। उन्होंने हाथ देकर एक ऑटो रुकवा लिया। उससे कहा कि घर का सामान शिफ्ट कर रहे हैं। इस तरह वे सारे कंप्यूटर ऑटो में रखकर ले गए। सब इंस्पेक्टर ब्रह्मसिंह ने  बताया कि मामले को सुलझाने में साइबर एक्सपर्ट दीपक ने अहम भूमिका निभाई। दीपक ने तकनीकी आधार पर चोरों का पता किया। आखिर पुलिस ने तीनों को दबोच  लिया।

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