निकलो जरा संभल के, बिगड़ने लगी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में कोरोना की स्थिति

पिछले दिनों 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों में जिस तरह से झांकियों का अवलोकन करने के लिए भीड़भाड़ दिखी जहां लोग शारीरिक दूरी के बिना लाइनों में लगे नजर आए और मास्क भी गायब नजर आया।

Prateek KumarSun, 05 Sep 2021 09:56 PM (IST)
हरियाली तीज के बाद त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है।

फरीदाबाद [सुशील भाटिया]। हरियाली तीज के बाद त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है। अभी पिछले दिनों 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों में जिस तरह से झांकियों का अवलोकन करने के लिए भीड़भाड़ दिखी, जहां लोग शारीरिक दूरी के बिना लाइनों में लगे नजर आए और मास्क भी गायब नजर आया। उसके दुष्प्रभाव अब सामने आने लगे हैं। रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके अनुसार एकाएक एक ही दिन में पांच नए मामले सामने आए हैं, जबकि इससे पहले कुछ दिनों तक एक आधा मामला ही आ रहा था और कई दिनों तक तो शून्य मामले के साथ दिन गुजर रहा था।

पिछले माह अगस्त में स्वतंत्रता दिवस वाले दिन और उसके बाद रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बस अड्डों, मेट्रो स्टेशन, बाजारों में एकदम से लोगों की भीड़ देखी गई थी। उसके बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व निकला। त्योहारी सीजन में आवश्यक खरीदारी के लिए बाजारों में भी भीड़ बढ़ी है, जहां कोरोना से बचाव के नियमों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को अभी पांच ही दिन गुजरे हैं। कई मंदिरों में अभी भी जन्माष्टमी संबंधी व श्रीकृष्ण छठी संबंधी आयोजन हो रहे हैं। जहां श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।

इस तरह से एक से दूसरे तक कोरोना का संक्रमण फैलता है। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए अब दो-चार दिनों में सैंपल लिए गए, उसकी रिपोर्ट अब आई हैं, तो एक ही दिन में पांच मामले आने और सक्रिय मामले बढ़ कर 13 हो जानी वाली स्थिति चिंता करने वाली व आगाह करने वाली है। जबकि पिछले सप्ताह तीन दिन तक एक भी मामला नहीं आया था और सक्रिय संक्रमितों की संख्या भी केवल पांच रह गई थी। वर्तमान में 13 सक्रिय संक्रमितों से एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि 12 को हाेम आइसोलेशन में रखा गया है। रविवार को 1152 सैंपल लिए गए। इनमें से 694 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है।

स्थिति बिगड़ने में नहीं लगेगा समय

देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं, हालांकि अपने जिले में स्थिति नियंत्रण में है, पर जिस तरह से कोरेाना से बचाव के लिए जरूरी नियमों शारीरिक दूरी, मास्क व हाथों को सैनिटाइज करने से लोगों ने मुंह मोड़ा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि स्थिति बिगड़ने में और नियंत्रण से बाहर जाने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। वैसे भी तीसरी लहर के आने की आशंका जताई जा रही है।

यह भी बता दें कि पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर माह में प्रतिदिन 100 से अधिक मामले आ रहे थे और गत वर्ष 28 मार्च को पहला मामला आया था और उसके बाद से एक से दो, दो से पांच और फिर इसी तरह संख्या इकाई से दहाई व दहाई से सैकड़ें व हजार तक पहुंच गई थी। गत वर्ष तो एक दिन में 2300 से अधिक मामले भी आए थे। इसलिए दोबारा ऐसी स्थिति अपने जिले में न आए, तो सावधानी बरतनी होगी।

औद्योगिक जिले में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है और इसे बढ़ने से रोकने के लिए कोरोना नियमों पालन और कोरोना रोधी टीके की दोनो डोज लगवाना बहुत ही आवश्यक है। जिलेवासियों से अपील है कि सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी के नियम अपनाएं। घर से निकलने से पूर्व मास्क लगाएं और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

डा.रामभगत, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी

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