बच्‍चों ने जाना तितलियों का महत्‍व अब करेंगे रक्षा, मांगर बनी में मिली 25 प्रजातियां

फरीदाबाद, जेएनएन। मांगर और कोट गांव से लेकर गुरुग्राम सीमा तक 1767 एकड़ में फैली मांगर बनी में तितलियों की प्रजातियां लगातार बढ़ रही है। पिछले साल यहां 18 प्रजातियां थी, जिनकी संख्या बढ़कर 25 हो गई है।

नेचर एंड हिस्‍ट्री सोसाइटी की ओर से हुआ सर्वे

रविवार को बांबे नेचर एंड हिस्ट्री सोसायटी की ओर से मांगर बनी में तितलियों की प्रजाति पता करने के लिए सर्वे कराया गया। जैव विविधता बहुल मांगर बनी क्षेत्र में मांगर ईको क्लब ने तितलियों की गणना पक्षी विशेषज्ञ मीशा बंसल के नेतृत्व में की। तितली गणना में क्लब के 50 बच्चों के साथ अध्यापक व क्लब के संस्थापक विनोद अहलावत ने भाग लिया।

बारिश में जारी रही तितलियों की गणना

इस दौरान बारिश हुई, पर गणना जारी रही और तितलियों की 25 प्रजातियां ढूंढ निकाली। साथ ही बच्चों को दैनिक जीवन में तितलियों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मीशा बंसल ने बताया कि ऐसा सर्वे दिल्ली-एनसीआर में भी चल रहा है। इस गणना में यदि कोई प्रजाति इस एरिया में बढ़ती है तो

कमी का खोजा जाएगा कारण

यह पता चल जाएगा कि इसकी वजह क्या है। अगर कम होती हैं, तो उसका कारण खोजा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तितलियों की प्रजातियों की संख्या को सूचीबद्ध करना है।

मांगर बनी में तितलियों की 25 प्रजातियां

आंगन में भी उड़ सकती हैं तितलियां

मांगर बनी विशेषज्ञ और मांगर ईको क्लब के संस्थापक सुनील हरसाना के अनुसार लोग चाहे तो घर पर तितलियों के लिए अनुकूल माहौल बना सकते हैं। घर पर पत्थर चट्टा, बेल, नींबू, कड़ी पत्ता, अशोक आदि को लगाने से इन पर तितलियां आएंगी। एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इन पर कीटनाशक का छिड़काव न करें। यदि कीटनाशक का छिड़काव कर दिया तो फिर तितलियां इनके पास नहीं फटकेंगी।

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