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एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी

एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
Publish Date:Thu, 16 Jul 2020 06:33 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : साथ जीने-मरने के वादे तो सभी करते हैं लेकिन बहुत कम ही ऐसे होते हैं जो वादा निभाते हैं। जनपद के सबसे बड़े गांव तिगांव के भकड़ा मोहल्ला निवासी 82 वर्षीय सरूप सिंह नागर ने इस वादे को पूरा कर ही प्राण त्यागे। बुधवार शाम साढ़े पांच बजे इनकी पत्नी रामवती (78 वर्ष) का बीमारी के चलते निधन हो गया। इसकी सूचना जैसे ही सरूप सिंह तक पहुंची, 10 मिनट के अंदर इन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों की एक साथ घर से अर्थी निकली और श्मशान घाट में भी दोनों की एक ही चिता बनाई गई। देखना बेटा हम साथ ही जाएंगे

दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त सरूप सिंह के बेटे सुभाष ने बताया कि उनकी माता रामवती कुछ दिन से बीमार थीं। उन्हें एशियन अस्पताल में भर्ती कराया हुआ था। इसे संयोग कहें या कुछ और लेकिन सरूप सिंह ने मंगलवार को अपने एक पोते सौरभ से बात करते हुए कह रहे थे कि बेटा तेरी दादी की हालत खराब है, देखना हम एक साथ ही जाएंगे। और हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही। बुधवार शाम करीब साढ़े 5 बजे उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना फोन से घर पर दी गई। इस घटना को तुरंत पिता सरूप सिंह को नहीं बताया गया। सभी को गुमसुम देख पिता सरूप को शक हो गया। टटोलने पर किसी बच्चे ने इसकी सूचना पिता को दे दी। यह सुनकर पिता रोने लगे और चारपाई पर बैठ गए। 10 मिनट में ही वह भी अचेत हो गए। इनके पांच पुत्र कृष्णपाल, सुभाष, हरकिशन, राकेश, संजय और दो पुत्री कृष्णा और गीता हैं।

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