कैसे चलें पैदल, सड़कें सुरक्षित नहीं फुटपाथ अतिक्रमण का शिकार

एक तरफ सरकार कार फ्री डे मनाकर पैदल चलने व साइकिलिंग को बढ़ावा दे रही है वहीं फुटपाथ अतिक्रमण का शिकार हैं।

JagranThu, 21 Oct 2021 09:26 PM (IST)
कैसे चलें पैदल, सड़कें सुरक्षित नहीं फुटपाथ अतिक्रमण का शिकार

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : एक तरफ सरकार कार फ्री डे मनाकर पैदल चलने व साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर के फुटपाथ पैदल चलने लायक नहीं है। फुटपाथ, फुट ओवरब्रिज, अंडरपास और जेब्रा क्रासिग मानकों पर खरे नहीं उतरते, इससे पैदल चलने वाले हतोत्साहित होते हैं। फुटपाथ पर कहीं रेहड़ी-पटरी सजी है तो कहीं पुलिस का बूथ बना है। कहीं पक्षियों के लिए दाना डालने की जगह बना दी गई है तो कहीं बेसहारा कुत्ते बैठे रहते हैं।

सुविधाओं के अभाव में सड़क हादसे का शिकार भी सबसे ज्यादा पैदल चलने वाले होते हैं। जिले में सड़क हादसों में हुई कुल मौत में 40 फीसद पैदल चलने वाले होते हैं। पैदल चलने वाले चलें तो कहां चलें। पैदल चलने वालों को उनका हक दिलाने की मुहिम दैनिक जागरण ने शुरू की है। उम्मीद है कि हमारे जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान देंगे और बदलाव लाने बाबत प्रयास करेंगे, ताकि पैदल चलने की चाह रखने वाले सुरक्षित निकल सकें। अतिक्रमण का शिकार हैं फुटपाथ

शहर के प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे फुटपाथ बने हैं, मगर वे अतिक्रमण का शिकार हैं। ज्यादातर फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा है। अधिकतर बाजारों में फुटपाथ के बाद सड़क पर भी कब्जा कर लिया गया है। पैदल चलने वालों को वाहनों के बीच सड़क पर चलना पड़ता है। इससे व्यस्त घंटों में वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वाले भी जाम में फंस जाते हैं। कई जगह फुटपाथ पर पुलिस के बूथ बना दिए गए हैं। अधिकतर ओवरब्रिज के नीचे फुटपाथ पर पुलिस के बूथ बने हैं। पैदल वालों के लिए नहीं है एक भी अंडरपास

जिले में पैदल चलने वालों के लिए एक भी अंडरपास नहीं है। वाहनों के लिए बने अंडरपास में भी फुटपाथ की पटरी उखड़ी हुई है। कई अंडरपास में लाइट का प्रबंध न होने से दिन में भी अंधेरा रहता है। रात को इनमें से गुजरना टेढ़ी खीर है। ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास की हालत सबसे खराब है। जेब्रा क्रासिग की पट्टियां धुंधली पड़ी

सड़क पार करना पैदल चलने वालों के एक और मुसीबत है। शहर में विभिन्न सड़कों पर जेब्रा क्रासिग की पट्टियां धुंधली हो गई हैं। कुछ एक चौराहों को छोड़ दें तो पैदल चलने वालों के लिए सिग्नल भी नहीं हैं। जहां सिग्नल हैं, वहां भी वाहन चालक पैदल चलने वालों के लिए रुकते नहीं। ऐसे में पैदल चलने वालों को जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है। इस चक्कर में हादसे भी होते हैं। हां, यह बिल्कुल सही है कि फुटपाथ पर अतिक्रमण हो रखे हैं। मजबूरी में लोगों को सड़क पर पैदल चलना पड़ता है। इससे वे हादसे का शिकार होते हैं। अगर फुटपाथ ढंग के हों तो काफी हादसे रोके जा सकते हैं, कई जान बचाई जा सकती हैं। हमने इस बाबत रोड सेफ्टी की बैठक में भी मुद्दा उठाया था। दोबारा नए सिरे से इस बाबत प्रयास किए जाएंगे।

-देवेंद्र सिंह, फाउंडर चेयरमैन, रोड सेफ्टी ओमनी फाउंडेशन

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.