डेडलाइन पास, जर्जर सड़कों के निर्माण की नहीं दिखती आस

लंबे समय से शहर की सड़कों की हालत खराब है। जर्जर सड़कें परेशानी का सबब बनी हुई हैं।

JagranTue, 23 Nov 2021 06:20 PM (IST)
डेडलाइन पास, जर्जर सड़कों के निर्माण की नहीं दिखती आस

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : लंबे समय से शहर की सड़कों की हालत खराब है। जर्जर सड़कें परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बारिशों में तो लोगों को खूब परेशानी हुई। नगर निगम पार्षद, सामाजिक व औद्योगिक संगठन कई बार इन सड़कों की दशा सुधारने को निगमायुक्त यशपाल यादव से मिल चुके हैं। निगमायुक्त यशपाल यादव ने पिछले महीने इंजीनियरिग शाखा के अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे कि 30 नवंबर से पहले सभी जर्जर सड़कें बना दी जाएं और स्वयं आश्वस्त भी किया, पर अब डेडलाइन खत्म होने को मात्र एक सप्ताह बचा है और जर्जर सड़कें बनने की कोई आस नजर नहीं आ रही।

वैसे महीना भर में इतना तय जरूर हुआ है कि सेक्टर की कई प्रमुख सड़कें अब एफएमडीए ने बनाने की योजना तैयार की है। इनमें सेक्टर 11-12, डिवाइडिग रोड, 15ए-16ए डिवाइडिग रोड तथा तिकोना पार्क, व्यापार मंडल कार्यालय से लेकर दो-तीन चौक व ईएसआइ चौक तक होते हुए चार-पांच चौक तक की सड़क शामिल हैं। बाकी सड़कों के निर्माण का काम अभी तक रामभरोसे ही है। इसमें शहीद बाबा दीप सिंह चौक से सारन रोड जाने वाली सड़क का हाल लंबे समय से खराब है। यह काम शुरू हुआ था, पर बीच में रुका हुआ है। डबुआ चौक, एयरफोर्स मोड़ की सड़क जर्जर है। एसजीएम नगर और गांधी कालोनी में कई जगह सड़कें जर्जर हाल में हैं।

दो नंबर एच ब्लाक की सड़क बनाने का वर्कआर्डर सीएम घोषणा के तहत करीब दो वर्ष पहले किया गया था। करीब 30 लाख रुपये की लागत से दो एच मार्केट की सड़क भी बननी थी, मगर अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। इसके लिए कोई ठेकेदार आगे नहीं आ पा रहे हैं। ------

पहले बारिश का बहाना, फिर दीवाली तक और नई तारीख 30 नवंबर की मिली थी

शहर की जर्जर व अति दुर्दशा का शिकार सड़कों से बारिश के दिनों में वाहन-चालक गिरते पड़ते हुए निकले थे। तब वाहन चालक शासन-प्रशासन को मन ही मन कोसते हुए निकलते थे। इस दौरान निगम अधिकारियों ने कहा कि बारिश खत्म होने के बाद सड़कें बना दी जाएंगी। बारिशें खत्म होने पर भी काम शुरू नहीं हुआ, तो नई तारीख मिली कि दीवाली से पहले शहर की सड़कें चकाचक होंगी। दीवाली पर्व के दिनों में भी लोगों का एक-दूसरे के यहां आवागमन इन्हीं टूटी सड़कों से हुआ। खैर दीवाली भी निकल गई, फिर निगमायुक्त यशपाल यादव ने इंजीनियरिग शाखा के अधिकारियों की बैठक में आदेश दिए थे कि 30 नवंबर से पहले सभी जर्जर सड़कें बना दी जाएं। उन्होंने एनआइटी, ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के कार्यकारी अभियंता को एस्टीमेट बनवाने को कहा था। अब 23 नवंबर की तारीख निकल चुकी है और डेडलाइन खत्म होने ठीक एक सप्ताह बचा है, पर निगमायुक्त के आदेशों का पालन अब तक होता नजर नहीं आ रहा है। शहर की जर्जर सड़कें जस की तस है। कहीं कोई मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया और न ही कोई सड़क नए सिरे से बनाई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि मात्र हफ्ते भर में सारी सड़कों का निर्माण कार्य कैसे पूरा हो सकता है, जब काम शुरू ही नहीं हुआ।

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सिर्फ कागजी काम हो रहे हैं और बयानबाजी तक ही सीमित हैं। बाकी नगर निगम के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। निगमायुक्त के आदेश पर भी कोई अमल न होने से स्पष्ट है कि अधिकारी किस तरह निरंकुश हैं।

-मनोज नासवा, पार्षद।

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टूटी सड़क वाहन चालकों को तो दुखी कर ही रही हैं, यह प्रदूषण का भी कारण बन रही हैं, पर कुछ होता नजर नहीं आ रहा। राम जानें, कब सुधरेंगे निगम अधिकारी।

-प्रदीप चावला।

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नगर निगम समय रहते ठेकेदारों का भुगतान नहीं करता। यही वजह है कि ठेकेदार काम के लिए आगे नहीं आते। अति व्यस्त हार्डवेयर चौक से शहीद बाबा दीप सिंह चौक की सड़क का काम रुका हुआ है। अब यह जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि इस दिशा में गंभीर हों।

-मुकेश शर्मा, पूर्व वरिष्ठ उप महापौर।

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सड़कों के बारे में सभी कार्यकारी अभियंता से रिपोर्ट मागी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि किस सड़क का टेंडर किया गया है। हम नगर निगम की सड़कों को जल्द बनवाएंगे।

-रामजी लाल, मुख्य अभियंता, नगर निगम।

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