जुगाड़ से चल रहा फागिंग की काम, मशीनें हैं खराब

जिले में डेंगू पर नियंत्रण के लिए जरूरी फागिग करने का काम जुगाड़ से चल रहा है।

JagranThu, 21 Oct 2021 07:06 PM (IST)
जुगाड़ से चल रहा फागिंग की काम, मशीनें हैं खराब

अनिल बेताब, फरीदाबाद : जिले में डेंगू पर नियंत्रण के लिए जरूरी फागिग करने का काम जुगाड़ से चल रहा है। बिना प्रशिक्षण के ही नगर निगम सफाई कर्मचारी जोखिम उठा कर फागिग कर रहे हैं। दूसरी ओर निगम प्रशासन सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए अब प्रस्ताव तैयार करने की बात कह रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम शहरवासियों के स्वास्थ्य के प्रति कितना गंभीर है।

करीब चार वर्ष पहले जिला स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम को फागिग की मशीनें सौंपी थी। नगर निगम के कर्मचारी कहते हैं कि मशीनें बहुत पुरानी हैं। सही तरीके से काम नहीं कर पा रही हैं। नगर निगम मुख्यालय के पास दो बड़ी मशीनें हैं। एक मशीन कुछ दिन पहले ही खराब हो गई थी। अब दूसरी मशीन चलते हुए लकड़पुर क्षेत्र में जल गई है। ऐसे ही ओल्ड फरीदाबाद नगर निगम की एक बड़ी मशीन खराब होने के बाद मरम्मत के लिए करीब दस दिन पहले ओखला की एक कंपनी में भेजी गई थी। अब तक ठीक होकर नहीं आ पाई है। इन स्थितियों को देखते हुए नगर निगम पार्षदों और समाजसेवियों की ओर से की जा रही फागिग पर ही शहर निर्भर है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड की बात करें, तो बृहस्पतिवार शाम तक डेंगू के 182 मामले आ चुके हैं। जिले में बुखार के 40 हजार से अधिक मामले आ चुके हैं। फागिग मशीन में लग गई थी आग, बाल-बाल बचे थे कर्मचारी

नगर निगम के कर्मचारी लकड़पुर क्षेत्र में तीन दिन पहले फागिग कर रहे थे, तो इसी दौरान मशीन में आग लग गई थी। फागिग कर रहे कर्मचारी हरि चंद और दयाचंद को वाहन से कूद कर जान बचानी पड़ी थी। नगर निगम कर्मचारियों तथा क्षेत्र के लोगों ने पानी डाल कर मशीन की आग को बुझा दिया था। अब यह मशीन नगर निगम मुख्यालय में बंद पड़ी है। सफाई कर्मचारियों का नहीं होता प्रशिक्षण

नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान गुरचरण खांडिया ने नाराजगी जताई कि सफाई कर्मी जोखिम उठा कर फागिग करते हैं। उनका कोई प्रशिक्षण भी नहीं होता है। नगर निगम अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। पहले फील्ड वर्कर चलाते थे मशीनें

कई वर्ष पहले जिला स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्कर ही फागिग मशीनें चलाते थे। फागिग अभियान के दौरान सुपरवाइजर भी साथ रहते थे। मलेरिया-डेंगू के सीजन से पहले ही 2-3 बार फील्ड वर्कर की ट्रेनिग की जाती थी। मैंने कई बार नगर निगम अधिकारियों से फागिग कराने के बारे में बातचीत की थी। कुछ नहीं हुआ। बाद में मैंने निजी एजेंसी की मदद से अपने वार्ड में फागिग करवाई। जब किसी की शिकायत आती है, तो मैं स्वयं अपने वार्ड में फागिग करवाता हूं।

-जितेंद्र भडाना, वार्ड नंबर 21 के पार्षद। शहर में डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है। इसलिए हमने खुद पहल करके अपने सेक्टर में फागिग करवाई है।

-गजराज नागर, सेक्टर-21ए निवासी तथा वाइस चेयरमैन, कान्फेडरेशन आफ आरडब्ल्यूए। हमने एक कर्मचारी की अलग से नगर निगम में ड्यूटी लगाई हुई है। फागिग अभियान में जुटे निगम कर्मचारियों को हमारे कर्मचारी प्रशिक्षित करते हैं। नगर निगम हमसे मांग करता है, तो हम फागिग अभियान को गति देने के लिए सुपरविजन बढ़ा देंगे।

-डा.रामभगत, जिला मलेरिया अधिकारी हमने सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। नगर निगम खुद नई मशीनें खरीदेगा या फिर किसी एजेंसी को फागिग करने के लिए अनुबंधित किया जाएगा। प्रस्ताव को निगमायुक्त कार्यालय भिजवा दिया गया है। हमारे यहां रोजाना 20 से अधिक फागिग संबंधी मांग आती हैं। छोटी मशीनों से फागिग की जा रही है। कई पार्षद भी हमें सहयोग कर रहे हैं।

-डा.नितिश परवाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम।

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