जिले का हर चौथा युवा ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से परेशान

ब्रेन स्ट्रोक जिले के युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है।

JagranThu, 28 Oct 2021 08:35 PM (IST)
जिले का हर चौथा युवा ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से परेशान

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : ब्रेन स्ट्रोक जिले के युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है और हर चौथा युवा ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से जूझ रहा है। इसका मुख्य कारण बदलती जीवन शैली और स्वास्थ्य के प्रति गंभीर नहीं होना है। ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी पहले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले लोगों को ही होती थी, लेकिन बदलती जीवन शैली की वजह से होने वाली बीमारियां जैसे रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, मानसिक तनाव की वजह से यह बीमारी अब युवाओं में तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन के कुल मरीजों में से 25 फीसद युवा ही होते हैं। इनके लक्षण पता लगने एवं सही इलाज से इस बीमारी को समय रहते हराया भी जा सकता है। ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

-चेहरे, हाथ या पैर में शरीर के दोनों ओर कमजोरी या सुन्नता या पक्षाघात होना

-बोलने या समझने में कठिनाई होना

-चक्कर आना, संतुलन खोना या बिना किसी स्पष्ट कारण के जमीन पर गिरना

-एक या दोनों आंखों से दिखाई न देना, अचानक धुंधला या कम दिखाई देना मस्तिष्क की बीमारियों को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं है। इसके चलते मौतें सबसे अधिक होती हैं। ब्रेन स्ट्रोक में शुरुआत के साढ़े चार घंटे बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। मस्तिष्क संबंधी बीमारी होने पर तुरंत न्यूरोलाजिस्ट के पास ही जाना चाहिए।

-डा. कुनाल बहरानी, मस्तिष्क रोग विभाग प्रमुख, एशियन अस्पताल मस्तिष्क संबंधी बीमारियों से बचने के लिए लोगों को अपने लिए समय निकालना होगा। जीवनशैली को सुधारने के अलावा व्यायाम, योग और सप्ताह में पांच दिन माडरेट इनडेंसिटी एक्सरसाइज को शामिल करना होगा। यह ब्रेन स्ट्रोक की संभावना को 80 फीसद तक कम कर देते हैं।

-डा. सुषमा शर्मा, मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ, मेट्रो अस्पताल कोरोना होने वाले जिन मरीजों को पहले से ही कोई मस्तिष्क संबंधी समस्या है तो उसमें स्ट्रोक होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। अगर मरीज को सही समय पर इलाज मिल जाए तो उसे ब्रेन स्ट्रोक से बचाया जा सकता है। इसके लिए मरीज में स्ट्रोक के लक्षण की समय रहते पहचान करना बहुत जरूरी है।

-डा. विक्रम दुआ, न्यूरो एवं स्पाइन सर्जरी विभाग निदेशक, क्यआरजी अस्पताल कोरोना महामारी के दौरान ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों में तेजी आई थी। हालांकि अब स्थिति में थोड़ा सुधार है, लेकिन संभलने की खास जरूरत है। यह बीमारी अब बुजुर्गों के साथ युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

-डा. रोहित गुप्ता, न्यूरोलाजिस्ट, फोर्टिस अस्पताल

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