लॉकडाउन को अवसर मान समय का सदुपयोग कर रहे युवा

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लोगों को संक्रमण की चपेट

JagranSun, 09 May 2021 06:59 PM (IST)
लॉकडाउन को अवसर मान समय का सदुपयोग कर रहे युवा

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : कोरोना वायरस की दूसरी लहर में लोगों को संक्रमण की चपेट में आने से बचाने के लिए सरकार द्वारा 10 मई तक लॉकडाउन लगाया हुआ है। वहीं कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 31 मई तक सभी प्रकार के शिक्षण संस्थान भी बंद हैं।

लॉकडाउन के कारण अनावश्यक रूप से बाहर घूमने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में लोग घरों में ही कैद हो गए हैं तथा उनकी दिनचर्या में भी पूरी तरह बदलाव आ गया है। रोजमर्रा के काम निपटाने के बाद भी लोगों के पास समय बच जाता है। जिसके चलते काफी संख्या में लोग अलग-अलग तरीकों से समय का सदुपयोग कर रहे हैं। कुछ युवा ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं तो बड़े-बुजुर्ग योग, प्राणायाम कर खुद को स्वस्थ रखने में जुटे हुए हैं। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कोविड-19 जैसी आपदा के दौरान भी अवसर ढूंढ कर नए-नए हुनर सीख रहे हैं। इसी कड़ी में कुछ युवा वाद्य यंत्र बजाना, नए-नए पकवान बनाना, पेंटिग बनाना सीखने के साथ-साथ महापुरुषों की जीवनी पढ़ना, इंटरनेट का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के कोर्स कर रहे हैं।

सीख रहा हूं गिटार : राहुल

दादरी निवासी राहुल सैनी ने बताया कि कोरोना महामारी भारत के लिए चुनौती भरा समय है। लेकिन आपदा को ही अवसर में बदलना यहां की नीति रहा है। पहले गिटार सीखने के लिए समय नहीं मिलता था, लेकिन लॉकडाउन के दौरान अब इस कार्य के लिए पूरा समय मिल रहा है। राहुल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह गिटार बजाना सीखने के साथ-साथ सुबह-शाम व्यायाम भी करता है। पढ़ रहा हूं महापुरुषों की जीवनी : आर्य

गांव बेरला निवासी अंकित आर्य ने बताया कि लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करने तथा खुद को डिप्रेशन से बचाने के लिए इस समय में महापुरुषों की जीवनी पढ़ता हूं। अंकित के अनुसार अभी तक वह स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद, वीर सावरकर, भगत सिंह की जीवनी पढ़ चुका है। अंकित के अनुसार महापुरूषों की जीवनी पढ़ने से उसे काफी सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। परीक्षा की तैयारियों में जुटा सुमित

दादरी निवासी सुमित लाठा ने बताया कि वह जनता महाविद्यालय में स्नातकोत्तर का छात्र है। सुमित ने बताया कि अगले सप्ताह चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान भी वह परीक्षाओं की तैयारियों में जुटा हुआ है। सुमित के अनुसार वह पाठ्यक्रम की किताबों के साथ-साथ इंटरनेट की सहायता से परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। कंप्यूटर आधारित कोर्स कर रहा अमित

गांव जेवली निवासी अमित ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटर आधारित कोर्स कर अपने समय का सदुपयोग कर रहा है। जिसमें वह टाइपिग, वीडियो एडिटिग, फोटो एडिटिग इत्यादि सीख रहा है। अमित ने बताया कि सामान्य दिनों में इन चीजों के लिए समय नहीं मिल पा रहा था लेकिन लॉकडाउन ने उसे ये सब सीखने का मौका दे दिया।

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