कुई सफाई की गंदगी को खुले में डालने वालों की अब खैर नहीं

कुई सफाई की गंदगी को खुले में डालने वालों की अब खैर नहीं
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 07:30 AM (IST) Author: Jagran

फोटो : 28बीडब्ल्यूएन 08 जेपीजी

- जन स्वास्थ्य विभाग में फीस जमा करवाकर वह एसटीपी में फेंक सकेंगे राजेश कादियान, बवानीखेड़ा:

गांव में शौचालय की कुई सफाई के बाद खुले में डाले जाने वाली गंदगी को लेकर प्रशासन ने अपना रूख कड़ा कर लिया है। ऐसे टैंकर मालिकों को सबक सिखाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। पंचायतों की इस निगरानी का काम बीडीपीओ को सौंपा गया है। बीडीपीओ रविन्द्र दलाल ने कुई सफाई करने वालों के साथ की जाने वाली बैठक की रूपरेखा का काम स्वच्छता को-ऑर्डिनेटर दिनेश राठी को सौंप दिया है। गौरतलब है कि करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व जिले के ग्रामीण आंचल को खुले में शौचमुक्त किया जा चुका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालयों का निर्माण करवाया गया था। इसके बाद समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा शौचालयों की कुई भरने उपरांत टैंकरों द्वारा खाली करवाया जाने लगा। टैंकर संचालक मनमर्जी से अपनी सुविधा अनुसार शौचालयों की गंदगी को खुले में उडे़ल देते थे। जिससे खुले में शौच मुक्त अभियान को पलीता लगने लगा। प्रशासन को खुले में उडे़ले जाने की शिकायतें मिलने लगी। तो जिला प्रशासन ने खण्ड स्तर पर बीडीपीओ के माध्यम से कुई सफाई करने वालों की सूची मांगकर स्वच्छता प्रबंधन का जिमा सौंपा। -नहीं डाल सकेंगे खुले में गंदगी:

स्वच्छता को-ऑर्डिनेटर दिनेश राठी ने बताया कि जिला प्रशासन व बीडीपीओ के आदेश पर खण्ड में कुई सफाई करने वाले लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। 5 अक्टूबर को टैंकर होल्डरों की बैठक की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अब कुई खाली करने वालों को अपने सर्कल के जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में 500 रुपये देकर पंजीकरण करवाना होगा। टैंकर की गंदगी को खुले में न उडे़लकर एसटीपी में खाली करना होगा। टैंकर होल्डर अपनी मनमर्जी से कुई सफाई के रेट नहीं ले सकेंगे। जिला प्रशासन के आदेश पर बीडीपीओ, पंचायती राज के उपमंडल अधिकारी व जनस्वास्थ्य विभाग के उपमंडल अधिकारी की कमेटी टैंकर होल्डर के कुई के रेट निर्धारित करेंगी। वर्जन:

- जिला प्रशासन के आदेश पर फीकल स्लज मैनेजमेंट के तहत शौचालय की कुई सफाई करने वाले लोगों की मीटिग बुलाई गई है। टैंकर होल्डरों का पंजीकरण करवाकर गंदगी का निस्तारण एसटीपी में करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अब अवैध टैंकर होल्डरों व खुले में शौचालय की गंदगी उडे़लने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

- रविद्र दलाल, बीडीपीओ बवानी खेड़ा।

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