कितलाना टोल पर धरना जारी, फसलों की गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

जागरण संवाददाता चरखी दादरी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहे किसान आंदोलन में चाह

JagranThu, 30 Sep 2021 09:05 AM (IST)
कितलाना टोल पर धरना जारी, फसलों की गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहे किसान आंदोलन में चाहे जितने मुकदमे बन जाएं, जेल हो जाए उससे किसान मजदूर डरने वाले नहीं हैं। जब तक केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद नहीं करती और न्यूनतम समर्थन मूल्य की संवैधानिक गारंटी नहीं देती तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। यह बात युवा कल्याण संगठन के मुख्य संरक्षक कमल प्रधान ने बुधवार को कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार बड़े कारपोरेट घरानों के दबाव में काम कर रही है। इसलिए उनके मुनाफे और संपत्ति बढ़ाने के लिए अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्र उन वास्ते खोल दिए हैं। कृषि क्षेत्र में उनकी घुसपैठ देश की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगी। किसान सभा के जिला प्रधान रणधीर कुंगड़ ने कहा कि भारी बारिश व बीमारी से नष्ट हुई कपास, मूंग, बाजरा व ग्वार की फसलों की शीघ्र गिरदावरी करवा कर 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए और पानी की निकासी जल्द हो। उन्होंने समर्थन मूल्य पर बाजरे की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग भी की। 279वें दिन भी जारी रहा धरना

कितलाना टोल पर धरने के 279वें दिन की अध्यक्षता खाप सांगवान से कन्नी प्रधान मा. ताराचंद चरखी, धर्मबीर समसपुर, श्योराण खाप से बिजेंद्र बेरला, बलबीर सिंह बजाड़, दिलबाग ढुल, मा. राजसिंह जताई, मीर सिंह निमड़ीवाली, डा. राजू गौरीपुर, चंद्रकला, संतरा डोहकी, कमला कितलाना व कृष्णा गौरीपुर ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र कुब्जानगर, सूबेदार सतबीर सिंह, राजकुमार हड़ौदी, आजाद फौजी, रामबिलास, सुलतान खान, समुंद्र सिंह धायल, सुरेंद्र डोहकी, बिजेंद्र फतेहगढ़, रामधारी शर्मा, चंद्र सिंह, राजबीर बोहरा व सूबेदार कंवरशेर चंदेनी भी मौजूद रहे।

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