दादरी में कोरोना मरीजों के उपचार में सहयोग कर रहे पीजीआइ के चिकित्सक, प्रशिक्षु छात्र

रोहतक पीजीआइ से प्रतिनियुक्ति पर दादरी जिले में आए चिकित्सक

JagranSun, 23 May 2021 08:13 PM (IST)
दादरी में कोरोना मरीजों के उपचार में सहयोग कर रहे पीजीआइ के चिकित्सक, प्रशिक्षु छात्र

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : रोहतक पीजीआइ से प्रतिनियुक्ति पर दादरी जिले में आए चिकित्सक और प्रशिक्षु छात्र इन दिनों मरीजों के उपचार में दिन रात जुटे हुए हैं। कोरोना के मरीजों के उपचार में ये लोग अहम भूमिका निभा रहे हैं। पीजीआइ रोहतक से न्यूरोलॉजी में डीएनबी कर रहे मध्यप्रदेश के शहडोल जिला निवासी डा. बीरभान सिंह के अनुसार वे जिले में कोरोना के मरीज के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल सहित कोविड अस्पताल में प्रतिदिन राउंड लेकर वहां दाखिल मरीजों का चेकअप करते हैं। इसके साथ ही अस्पताल से एमरजेंसी में कोई फोन आता है तो तुरंत वहां पहुंच कर मरीज की सहायता की जाती है। डा. बीरभान अपनी पत्नी व दो बच्चों को रोहतक स्थित घर पर छोड़कर दादरी में लोगों की सेवा कर रहे हैं। प्रबंधन पर नजर रख रहे डा. नीरज

हिसार के गांव भाटौल जाट्टान निवासी पीजीआइ रोहतक से न्यूरोलॉजी में डीएनबी कर रहे डा. नीरज भी दादरी के लोगों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। डा. नीरज के अनुसार वे मरीज के इलाज के प्रबंधन का कार्य देखते हैं और मरीज के उपचार के लिए अपनी सलाह देते हैं। डा. नीरज के जानने वाले कई लोग भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। बावजूद इसके वे लगातार लोगों की सुरक्षा और मरीजों के उपचार में लगे हुए हैं। वेंटिलेटर का संचालन संभाल रही डा. प्रियंका

महेंद्रगढ़ निवासी डा. प्रियंका अग्रवाल रोहतक पीजीआइ से एनेस्थीसिया कर रही है। डा. प्रियंका वर्तमान में दादरी में उपलब्ध वेंटिलेटर का रखरखाव देख रही है तथा उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित कर रही है। डा. प्रियंका के अनुसार कोरोना से ग्रसित वेंटिलेटर पर उपचार ले रहे मरीजों की देखभाल बेहद जरूरी है। ऐसे में उनका काम मरीज के उपचार के लिए प्राथमिक आवश्यकता की तरह है। डा. प्रियंका की माता स्वयं बीमार है। उसके बावजूद वे यहां पर मरीजों की देखरेख में लगी हुई है। प्रशिक्षु छात्र कर रहे उपचार में सहयोग

पीजीआइ रोहतक से दादरी में पहुंचे प्रशिक्षु छात्रों में सिरसा के गांव औड़ा निवासी पूजा गर्ग, फतेहाबाद के भूना निवासी पारूल भुक्कल, रेवाड़ी निवासी पारूल गुप्ता भी उन्हें दिए गए कार्य को बखूबी निभा रही है। ये सभी एमएलआर कोविड अस्पताल में मरीजों की देखभाल और शहर में होम आइसोलेट मरीजों की स्क्रीनिग का कार्य कर रही है। ये छात्र कोरोना के कारण दुर्भाग्यवश मर चुके लोगों की डेथ आडिट का कार्य भी कर रही हैं। ब्लैग फंगस का समय पर इलाज जरूरी

डा. बीरभान व डा. नीरज के मुताबिक ब्लैक फंगस को लेकर समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है। देरी होने पर ब्लैक फंगस से ग्रसित मरीज को जान तक का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों में इस बीमारी के होने का अधिक खतरा है। एक आंख का लाल हो जाना, आंख के चारों तरफ लाली रहना, आंख से पानी आना और आंख के चारों तरफ दर्द रहना इत्यादि ब्लैक फंगस के प्रारंभिक लक्षण हैं। चिकित्सक, छात्र निभा रहे अहम भूमिका : उपायुक्त

उपायुक्त राजेश जोगपाल ने कहा कि कुछ दिन पहले तक जिले में वेंटिलेटर को चलाने के लिए फिजिशियन व एनेस्थेटिस्ट नहीं थे। न ही पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मी जिले में तैनात थे। जिले के लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार से इस बारे में अनुरोध किया गया और अब जिले में प्रतिनियुक्ति पर तीन चिकित्सक, पांच प्रशिक्षु छात्र और 16 एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र मरीजों के इलाज में अपना सहयोग दे रहे हैं।

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