क्रशर व माइनिग जोन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभी सुधार की है जरूरत : जस्टिस प्रीतमपाल

जागरण संवाददाता चरखी दादरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण की निगरानी समिति के चेयरमैन रिटा

JagranSat, 24 Jul 2021 07:30 AM (IST)
क्रशर व माइनिग जोन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभी सुधार की है जरूरत : जस्टिस प्रीतमपाल

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : राष्ट्रीय हरित अधिकरण की निगरानी समिति के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस प्रीतमपाल सिंह ने कहा है कि दादरी जिले के पहाड़ों में क्रशर व माइनिग जोन की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट जल्द ही अधिकरण को सौंपी जाएगी। इस क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अभी कुछ और कार्य जरूरी हैं। जस्टिस प्रीतमपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने टीम के साथ दादरी खनन क्षेत्र के क्रशरों तथा माइनिग जोन का दौरा किया है। इस दौरान एक ओर जहां मशीनरी पर धूल को रोकने के लिए टीन शेड, पौधारोपण, पानी का छिड़काव इत्यादि व्यवस्था देखने को मिली वहीं कुछ खामियां भी पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में खनन कार्य रोजगार का प्रमुख जरिया बन चुका है। इसमें माइनिग व क्रशिग की अनुमति लेने के लिए ठेकेदारों ने प्रदूषण को रोकने बारे सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मूलभूत कार्य तो किए गए हैं फिर भी काफी सुधार की जरूरत है। दादरी जोन में उनकी जांच के मुख्य बिदु प्रदूषण और वनीकरण है। इस आधार पर वे अपनी निरीक्षण रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को देंगे। इसके लिए कुछ और दस्तावेज भी उन्होंने क्रशर संचालकों से मंगवाए हैं। एनजीटी के तकनीकी विशेषज्ञ डा. बाबूराम ने सभी क्रशरों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों, बिजली कनेक्शन, बिजली बिलों की राशि, उत्पादन, गाड़ियों की लोडिग, ई-रवाना बिलिग, मशीनरी इत्यादि की बिदुवार जांच कर उनकी नोटिग की। एनजीटी की टीम ने शुक्रवार को नगराधीश अमित मान के साथ गांव रामलवास, खेड़ी बत्तर, कलियाणा के समीप लगे विभिन्न क्रशरों की जांच की। इस दौरान बंद रखे गए क्रशरों की मशीनें चलवाकर देखी गईं। इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आरके भोंसले, वैज्ञानिक अपर्णेश कौशिक, खनन अधिकारी निरंजन लाल भी उपस्थित रहे।

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