कितलाना टोल पर किसानों का धरना जारी

किसान आंदोलन को दबाने और कुचलने के साथ बदनाम करने से बाज आए।

JagranWed, 20 Jan 2021 08:19 AM (IST)
कितलाना टोल पर किसानों का धरना जारी

जागरण संवाददाता, चरखी दादरी: सरकार किसान आंदोलन को दबाने और कुचलने के साथ बदनाम करने से बाज आए। यह चेतावनी वक्ताओं ने कितलाना टोल पर किसान के अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय जांच एजेंसी से माध्यम से किसान आंदोलन में सहयोग करने वालों को नोटिस भिजवाकर उनको भयभीत करने का असफल प्रयास कर रही है। इसके साथ शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने वाले अनेक किसानों पर राष्ट्रद्रोह जैसे संगीन मुकदमे बना कर राज्य सरकार आंदोलन को दबाने का काम कर रही है। 56 दिन से चल रहे आंदोलन में 121 किसान शहादत दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार बातचीत का जो दिखावा कर रही है, उसको बंद करे और गंभीरता से किसानों की सभी मांगें पूरी करे। कितलाना टोल पर 26वें दिन किसानों के अनिश्चित कालीन धरने की नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, रणधीर कुंगड़, बिजेंद्र बेरला, अनिल शेषमा, बलबीर बजाड़, सुखदेव सिंह, मूर्ति देवी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने 17 व 18 जनवरी को हुए ट्रैक्टर मार्च के लिए जिला वासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ये अब 36 वर्ग का संघर्ष है और जब तक तीनों काले कानून रद नहीं होते, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। आज भी टोल फ्री रहा। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। ये रहे मौजूद

इस अवसर पर गंगाराम श्योराण, राजकुमार कादयान, राजू मान, कमल सिंह मांढी, राजकुमार हड़ौदी, मंगल सुई, धर्मेन्द्र छपार,सज्जन सिगला, सुभाष यादव, सुरेश फौगाट, प्रेमा, संतरा, सावित्री, मूर्ति देवी, कृष्णा सांगवान, दिलबाग ग्रेवाल, राजबीर चंदेनी, भीम सिंह द्वारका, सत्यवान बलियाली, रत्तन बोहरा, महासिंह रंगा, नरदेव अटेला, हरदयाल, जयसिंह दहिया इत्यादि मौजूद रहे।

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