भर्ती बोर्ड की गलती से 1983 परिवार पहुंचे बर्बादी की कगार पर : दिलबाग जांगड़ा

दस वर्षों तक सरकार में अपनी सेवा देकर देश के लिए बेहतरीन खिलाड़

JagranThu, 28 Oct 2021 07:25 PM (IST)
भर्ती बोर्ड की गलती से 1983 परिवार पहुंचे बर्बादी की कगार पर : दिलबाग जांगड़ा

जागरण संवाददाता, भिवानी : दस वर्षों तक सरकार में अपनी सेवा देकर देश के लिए बेहतरीन खिलाड़ी तैयार करने वाले बर्खास्त पीटीआइ आज भर्ती बोर्ड की गलती का खामियाजा भुगतते हुए बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके है। लंबे समय से बेरोजगारी की मार झेल रहे बर्खास्त पीटीआइ की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि उनके घरों में खाने के लाले पड़े चुके है। यह बात लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठे बर्खास्त पीटीआइ को संबोधित करते हुए हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष दिलबाग जांगड़ा ने कही।

जांगड़ा ने कहा कि भर्ती बोर्ड की गलती के बाद से बर्खास्त पीटीआइ अपनी बहाली की मांग को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से उन्हें सिर्फ कोरे आश्वासन मिले हैं बहाली नहीं। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में बेकसूर साबित होने के बावजूद भी बर्खास्त पीटीआइ की बहाली नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि अपनी बहाली की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र भी लिखने के बावजूद भी ऐसा लग रहा है जैसे प्रदेश सरकार को 1983 परिवारों की कोई चिता ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अन्य कर्मचारी संगठनों को साथ लेकर 31 अक्टूबर को करनाल कूच करेंगे।

वीरवार को क्रमिक अनशन पर दिलबाग जांगड़ा, सुनील जांगड़ा, नीतू रानी, अमित कुमार रहे। इस अवसर पर राजेश ढांडा, एडवोकेट संजय अग्रवाल, ओमप्रकाश शर्मा, सोमदत्त डीपीई, विनोद पिकू, जरनैल, अमरनाथ धनाना, हरीश गोच्छी, अशोक कटारिया, विनोद सांगा, दीपक यादव, वेद फौजी, मुकेश शर्मा सहित अनेक मौजूद रहे।

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