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कर्मचारी सत्याग्रह : 1500 कर्मचारी गिरफ्तार और रिहा, सड़कों पर उतरे नारेबाजी

कर्मचारी सत्याग्रह : 1500 कर्मचारी गिरफ्तार और रिहा, सड़कों पर उतरे नारेबाजी
Publish Date:Mon, 10 Aug 2020 06:03 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, भिवानी : ट्रेड यूनियनों के कर्मचारियों ने 78वें सत्याग्रह आंदोलन में रविवार को भिवानी में करीब 1500 लोगों ने गिरफ्तारी दी। पुलिस ने गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी कर उनको रिहा कर दिया। इस दौरान कर्मचारी, सामाजिक, किसान, आंगनबाड़ी, मिड डे मील वर्कर्स हेल्पर्स और आशा वर्कर्स आदि अनेक कर्मचारी और किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हटाए गए पीटीआइ को तुरंत प्रभाव से सरकार बहाल करे।

रविवार को हुड्डा पार्क के सामने एटक जिला प्रधान ईश्वर शर्मा, इंटक जिला प्रधान रामअवतार खोरड़ा, सीटू से राममेहर, एचएमएस से रत्न लोहिया, किसान, भवन निर्माण मजदूर संगठन से फूलसिंह इंदौरा, एयूटीसीआइ से राजकुमार जांगड़ा, एसकेएस से सूरजभान जटासरा, सर्व कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान सूरजमल लेघां समेत अनेक संगठनों के पदाधिकारियों की अध्यक्षता में लगभग 1500 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां दी। उसी समय गिरफ्तारी की औपचारिकता के बाद उनको छोड़ दिया गया। आयोजन का संचालन मा. सूखदर्शन सरोहा व सीटू के अनिल कुमार ने किया। 1983 पीटीआइ को तुरंत बहाल करे सरकार

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एटक के प्रदेशाध्यक्ष बलदेव घणघस ने कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके 1983 पीटीआइ को सरकार तुरंत प्रभाव से बहाल करे। किसानों के उत्थान के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे। सभी विभागों में खाली पड़े पदों पर नई भर्ती करे, विभागों के किए जा रहे निजीकरण को बंद करे, हरियाणा रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल करे, भवन निर्माण मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाएं उन्हें तुरंत उपलब्ध करवाए। कर्मचारी और आमजन विरोधी फैसले वापस ले सरकार

एटक के जिला प्रधान ईश्वर शर्मा व कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी और आमजन विरोधी कानूनों को वापस ले तथा चुनाव से पहले जनता व कर्मचारियों से किए गए वायदों को पूरा करे। पुरानी पेंशन नीति को लागू किया जाए। उन्होंने गठबंधन सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। मा. शेर सिंह ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए, किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएं तथा हल ही में 3 अध्यादेश जारी किए हैं वे वापस लिया जाए।

इस अवसर पर जगरोशन, बल्लू बामला, नरेन्द्र दिनोद, सज्जन शर्मा, राजेश शर्मा, राजकुमार दलाल, सरोज रानी, विजय बापोड़ा, सतबीर मिश्री, सुनीता बापोड़ा, राजकुमार जमालपुर, सुमन अलखपुरा, चमेली देवी, सुदेश मानहेरू, कविता, रामनिवास ढाणी दरियापुर, कृष्ण बड़सी, सतबीर फरटिया समेत अनेक संगठनों के कर्मचारियों ने अपनी गिरफ्तारियां दी।

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