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उद्घाटन व शिलान्यास में नहीं चलेगी माननीयों की मर्जी नारियल फोड़ने से पहले देनी होगी डीसी को अर्जी

उद्घाटन व शिलान्यास में नहीं चलेगी माननीयों की मर्जी नारियल फोड़ने से पहले देनी होगी डीसी को अर्जी
Publish Date:Mon, 10 Aug 2020 06:00 AM (IST) Author: Jagran

कृष्ण वशिष्ठ, बहादुरगढ़ : शहर में विकास कार्याें को लेकर चल रही नारियल फोड़ राजनीति पर अब विराम लग सकता है। इसके लिए डीसी की ओर से पहल की गई है। अगर यह पहल कारगर सिद्ध हुई तो विकास कार्याें और विभिन्न प्रोजेक्ट के उद्घाटन व शिलान्यास में माननीयों की मनमर्जी नहीं चल पाएगी। डीसी की अनुमति के बिना कोई भी माननीय विकास कार्याें का उद्घाटन व शिलान्यास नहीं कर पाएगा। अगर जिले में कहीं पर भी किसी कार्य का उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम होगा तो इसके लिए डीसी की अनुमति लेनी होगी।

डीसी जितेंद्र कुमार ने झज्जर जिले के सभी विभागों के अध्यक्षों को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है कि जिले में उनकी अनुमति के बिना ही विकास कार्याें के उद्घाटन व शिलान्यास कर दिए जाते हैं। इस बारे में विभागों के अध्यक्षों की ओर से कोई सूचना भी नहीं दी जाती है। इसे डीसी ने अनुचित बताया है। पत्र में डीसी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी विकास कार्याें के उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम उनकी अनुमति के बाद ही आयोजित किए जाए। कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा पार्काें का शिलान्यास करने व जटवाड़ा चौपाल का उद्घाटन करने से गरमाई नारियल फोड़ राजनीति

बहादुरगढ़ में भाजपा व कांग्रेस के नेताओं के बीच नारियल फोड़ राजनीति काफी समय से चली आ रही है। यह राजनीति 19 जुलाई को और भी गरम हो गई जब राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रेलवे की जमीन में करोड़ों की लागत से बनने वाले पार्काें का शिलान्यास और जटवाड़ा चौपाल का उद्घाटन किया। हालांकि सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी ग्रांट से दोनों जगह पर 11-11 लाख रुपये देने की घोषणा की थी, मगर कांग्रेसी सांसद द्वारा भाजपा सरकार के राज में करोड़ों की लागत के विकास कार्याें का उद्घाटन व शिलान्यास करने की बात भाजपाइयों को हजम नहीं हुई। भाजपा के कुछ आला नेताओं ने यह बात सीएम दरबार तक पहुंचाई है, जिसके चलते यह मामला फिलहाल काफी गर्माया हुआ है। कांग्रेसी विधायक जून ने तो दे डाली थी विधानसभा में शिकायत करने की चेतावनी

गत 22 जून को पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता नरेश कौशिक की ओर से लाइनपार में पुराना बराही रोड पर अमृत योजना के तहत पाइप लाइन दबाने के कार्य का शुभारंभ किया था। कोरोना काल में यहीं से नारियल फोड़ राजनीति शुरू हुई थी। पूर्व विधायक की ओर से पेयजल पाइप लाइन के कार्य का शुभारंभ किए जाने से बहादुरगढ़ से मौजूदा विधायक राजेंद्र जून खासे नाराज हो गए। उन्हें इस बात का पता चलते ही नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विधानसभा में शिकायत देने की चेतावनी दे डाली। हालांकि फिलहाल यह मामला शांत है। मगर इसके बाद भी गत 28 जुलाई को पूर्व विधायक ने फिर से सैनिक नगर में गलियों में मैस्टिक परत बिछाने के कार्य का शुभारंभ कर दिया था। डीसी की अनुमति के बिना पार्षद भी नहीं फोड़ पाएंगे नारियल

शहर में कई पार्षद भी ऐसे हैं जो अपने वार्ड में होने वाले विकास कार्याें का शिलान्यास व उद्घाटन खुद ही कर देते हैं। मगर डीसी की ओर से जारी इन आदेशों के बाद अब इन पार्षदों को भी इस तरह के उद्घाटन-शिलान्यास के लिए डीसी की अनुमति लेनी होगी। जिले में अगर कहीं भी विकास कार्याें व बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन या शिलान्यास हो रहा है तो इसकी जानकारी प्रशासन को होनी चाहिए। इसीलिए सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिखा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में जो भी उद्घाटन या शिलान्यास हो, उसके लिए पहले उनसे अनुमति ली जाए।

जितेंद्र कुमार, उपायुक्त, झज्जर।

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