डीएपी-यूरिया का इस्तेमाल छोड़कर की जैविक खेती करें

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

भाजपा किसान मोर्चा हरियाणा की युवा किसान समिति के प्रदेश संयोजक नवीन सौलधा उर्फ बंटी की अगुवाई में बहादुरगढ़ हलके के गावों में किसान गोष्ठी का आयोजन कर किसानों को जैविक खेती करने के बारे में जागरुक किया जा रहा है। जैविक खेती किसान गोष्ठी में भाजपा नेता नवीन सौलधा, डा. अशोक, धर्मबीर, जगबीर, जयप्रकाश आदि की टीम किसानों को जैविक खेती का महत्व व लाभ लाभ बताकर किसानों से जैविक खेती करने की अपील की। जैविक खेती किसान जागरूकता गोष्ठी के तहत हलके के गाव इस्स्रहेड़ी, सौलधा, सिद्धिपुर लोवा, नूना माजरा, नया गाव, बामनोली व जाखोदा गाव में किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरुक किया गया।

गोष्ठी में किसानों को जागरूक करते हुए डा. अशोक ने बताया कि पहले देश व हरियाणा प्रदेश किसान जैविक खेती करता था। जैविक तरीके से उत्पन्न होने वाला गेंहू व अन्य फसले व सब्जिया बिल्कुल शुद्ध होती थी और शुद्ध अन्न खाने से मनुष्य का मन भी शुद्ध रहता था। बाहरी देशों के षड़यंत्र के चलते देश के किसानों को डीएपी, यूरिया खाद का इस्तेमाल खेती में करने की आदत डाल दी गई। डा. अशोक ने बताया कि डीएपी, यूरिया खाद का इस्तेमाल खेती में किए जाने से जमीन की उपजाऊ शक्ति भी खत्म होती जा रही है व इन विषैली व दुष्प्रभावकारी खाद का इस्तेमाल करने से उत्पन्न होने वाला गेहूं व अन्य फसलों के अलावा सब्जिया भी अब शुद्ध नही रही।

नवीन सौलधा बंटी ने कहा कि डीएपी, यूरिया खाद से पैदा होने वाली फसलें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है इसलिए किसान शुद्ध फसल उत्पन्न करने के लिए जैविक खेती का इस्तेमाल करें। नवीन बंटी ने कहा कि जैविक खेती करने से एक तरफ जहा लोगों को खाने के लिए शुद्ध गेंहू, बाजरा, जो, दाले, चावल व अन्य फसलें तथा सब्जिया शुद्ध मिलेगी किसान की खेत की जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बढ़ेगी जिससे खेत में पैदा होने वाली फसल की पैदावार में भी काफी बढ़ोतरी होगी।

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