फैक्ट्रियों पर सीलिग की कार्रवाई से रोष में उद्यमी, बोले-दी जाए राहत, अधिकारी बोले-हमें नहीं कोई पावर

- सीपीसीबी व एसपीसीबी की टीमों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण को लेकर की जा रही कार्रवाई कई फैक्ट्रियों व डीजी सेट को किया जा चुका सील - उद्यमियों का आरोप बोर्ड के अधिकारी बेवजह कर रहे परेशान नियम पूछने पर फैक्ट्री सील की मिल रही धमकी

JagranWed, 08 Dec 2021 09:55 PM (IST)
फैक्ट्रियों पर सीलिग की कार्रवाई से रोष में उद्यमी, बोले-दी जाए राहत, अधिकारी बोले-हमें नहीं कोई पावर

जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़:

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) की ओर से प्रदूषण नियंत्रण को लेकर फैक्ट्रियों पर की जा रही सीलिग की कार्रवाई को लेकर उद्यमियों ने कड़ा रोष जताया है। उद्यमी राजकुमार धवन, एनएन राय, बाबा अरोड़, एडवोकेट आरबी यादव, अंकित चावला, सुबोध अरोड़ा, मुकेश गुप्ता व अंकित विज आदि ने इकट्ठा होकर एसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश यादव से उनके कार्यालय में मुलाकात की और कुछ राहत देने की मांग की। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड के अधिकारी किसी भी समय उनकी फैक्ट्रियों में घुस जाते हैं। कारण व नियम पूछते हैं तो फैक्ट्री को सील करने की धमकी दी जाती है। एक अधिकारी तो ऐसे हैं कि उनसे फैक्ट्री में आने का कारण व परमिशन की मांग करने पर सीधे धमकी देते हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट में इसकी रिपोर्ट कर देंगे। इस कारण कुछ दिनों से फैक्ट्री संचालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ऐसे में हमें कुछ राहत दी जाए, ताकि उनका कारोबार भी चल सके। इस पर क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश ने बताया कि बोर्ड के अधिकारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश पर कार्रवाई कर रहे हैं। आयोग के नियमों की पालना करना हर फैक्ट्री संचालक का दायित्व है। नियमों की उल्लंघना पर नियमानुसार ही कार्रवाई की जा रही है। राहत देने के मामले में उनके पास कोई पावर नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग का पता बताते हुए फैक्ट्री संचालकों को बताया कि अगर राहत चाहिए तो उन्हें आयोग का दरवाजा खटखटाना होगा। ग्रेप में फैक्ट्रियों के संचालन के लिए राहत चाहिए तो सुप्रीम कोर्ट में दायर करें याचिका:

मंगलवार देर शाम को उद्योग विभाग के महानिदेशक डा. साकेत कुमार के सामने भी उद्यमियों ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर रोष जताया। उन्होंने बताया कि ग्रेप अवधि में फैक्ट्रियों के संचालन में कोई राहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों में चाहिए तो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करनी होगी या फिर पहले से ही दायर याचिका में पार्टी बनना होगा। ऐसे में फुटवियर पार्क एसोसिएशन व बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उद्यमियों से सुझाव मांगे हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना भी पक्ष मजबूती से रखा जा सके। लाग बुक में दर्ज मिली डीजी सेट चलाने की जानकारी, रूहिल रेजिडेंसी व केएलजे में चार सेट किए सील:

सीपीसीबी की टीम की ओर से अब फैक्ट्रियों व अलग-अलग संस्थानों के डीजी सेट की लाग बुक भी चेक की जा रही है। 15 अक्टूबर से लागू ग्रेप अवधि के दौरान अगर किसी संस्थान ने डीजी सेट चलाया है और उसकी एंट्री लाग बुक में कर रखी है तो सीपीसीबी की ओर से कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को इस तरह से चार डीजी सेट सील किए गए हैं। सीपीसीबी की टीम के निर्देश पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने लाग बुक में डीजी सेट चलाने की एंट्री होने की वजह से रूहिल रेजिडेंसी तथा केएलजी हाइट रेजिडेंसी में दो-दो डीजी सेट सील किए हैं। उधर, एक दिन राहत के बाद बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक 210 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया है। वर्जन...

सीपीसीबी व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई को लेकर कुछ उद्यमी उनके कार्यालय आए थे। मैंने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड की ओर से जो भी कार्रवाई की जा रही है, वह सब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए गए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों पर की जा रही है।

-दिनेश यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।

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