किसान आंदोलन से जुड़ेंगे दुनिया भर के डाक्टर, टेलीमेडिसिन सेवा होगी शुरू

किसान आंदोलन से जुड़ेंगे दुनिया भर के डाक्टर, टेलीमेडिसिन सेवा होगी शुरू

-आंदोलन लंबा खिचने की स्थिति को भांपकर निरंतर बढ़ाई जा रही व्यवस्था

Publish Date:Wed, 20 Jan 2021 06:20 AM (IST) Author: Jagran

-आंदोलन लंबा खिचने की स्थिति को भांपकर निरंतर बढ़ाई जा रही व्यवस्था फोटो-39: जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ :

कृषि कानूनों को रद करवाने की मांग पर अड़े किसानों और सरकार के बीच वार्ता लगातार विफल होने के बाद अब आंदोलन लंबा खिचने की स्थिति को भांपते हुए व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। 15 किलोमीटर तक फैले आंदोलन के बीच राशन, सब्जी और दूसरी जरूरत की चीजें तो पहुंच ही रही हैं, साथ में आंदोलन के बीच मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर है। शुरूआत से ही आंदोलन के बीच सेवा में जुटी फाइव रिवर्स हार्ट एसोसिएशन ने अब दुनिया भर के डाक्टरों को इस आंदोलन से जोड़ने की कवायद शुरू की है। इसके लिए यहां पर टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की जा रही है। इसके जरिये किसान अपनी परेशानी बताएंगे और वीडियो कॉल से किसी भी देश में बैठे डाक्टर उनके इलाज के लिए परामर्श देंगे। अलग-अलग बीमारियों से जुड़े विशेषज्ञ इस मुहिम में भागीदार बनेंगे। ऐसे होगी व्यवस्था :

एसोसिएशन का यहां पर जनरल मेडिसिन कैंप चल रहा है। सप्ताह में चार दिनों तक दंत चिकित्सा की सेवाएं भी शुरू कर दी हैं। अलग-अलग रोगों के डाक्टरों को आंदोलन के बीच लगातार उपलब्ध करवाना तो संभव नहीं है। ऐसे में एसोसिएशन ने टेलीमेडिसिन का विकल्प ढूंढा। इसके लिए ई-रिक्शा ली है। इसमें एलईडी लगेगी। इंटरनेट होगा। आंदोलन में यह ई-रिक्शा लगातार घूमेगी। रिक्शा में एक नर्स होगी। किसी भी किसान को जो दिक्कत होगी, उसी बीमारी के डाक्टर से संपर्क करेंगे। वीडियो कॉल पर किसान अपनी परेशानी बता सकेंगे। इसके लिए एसोसिएशन ने विभिन्न देशों में डाक्टरों से संपर्क किया है। इस मुहिम के लिए डा. स्वाईमान सिंह खुद कैलिफोर्निया से फेलोशिप छोड़कर आए हुए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को आंदोलन में लगातार विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आंदोलन में भारी संख्या में किसान हैं। उम्रदराज किसानों को पहले से ही शारीरिक तकलीफें हैं। अब उनकी परेशानी बढ़ रही है। इसीलिए यह व्यवस्था की जा रही है। कई संगठनों ने बढ़ाई जरूरी चीजों की सप्लाई :

कई संगठनों ने आंदोलन के बीच जरूरत की चीजों की सप्लाई बढ़ा दी है। रजाई, गद्दे, कंबल और दूसरी जरूरत की चीजों की सप्लाई लेकर गाड़ियां आ रही हैं। इस तरह की चीजें पंजाब से ज्यादा आ रही हैं। हरियाणा के किसान तो राशन, सब्जी और ईंधन पहुंचा रहे हैं, लेकिन आंदोलन में किसानों को बहुत सी चीजों की दरकार महसूस हो रही है। उनमें से अधिकतर पंजाब से आ रही हैं।

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