बेटा विदेश में और खाते से शातिर ने निकाले 4.36 लाख रुपये

मर्चेट नेवी में काम करने वाले एक व्यक्ति के खाते से शातिरों ने 4 लाख 36 हजार 275 रुपये निकाल लिए। पीड़ित के पिता का कहना है कि बेटे ने अकाउंट खोलने के समय जो मोबाइल नंबर दिया था वह बंद है और बेटा विदेश में है। इतनी बड़ी रकम शातिरों ने महज 15 दिनों में उड़ा ली। शिकायतकर्ता इस मामले में बैंक को जिम्मेदार ठहरा है तो बैंक का दावा है कि खाताधारक ने ओटीपी शेयर किया है। अब कैंट थाना पुलिस ने इस संबंध में ठगी का केस दर्ज किया है।

JagranThu, 28 Oct 2021 07:33 PM (IST)
बेटा विदेश में और खाते से शातिर ने निकाले 4.36 लाख रुपये

जागरण संवाददाता, अंबाला : मर्चेट नेवी में काम करने वाले एक व्यक्ति के खाते से शातिरों ने 4 लाख 36 हजार 275 रुपये निकाल लिए। पीड़ित के पिता का कहना है कि बेटे ने अकाउंट खोलने के समय जो मोबाइल नंबर दिया था वह बंद है और बेटा विदेश में है। इतनी बड़ी रकम शातिरों ने महज 15 दिनों में उड़ा ली। शिकायतकर्ता इस मामले में बैंक को जिम्मेदार ठहरा है तो बैंक का दावा है कि खाताधारक ने ओटीपी शेयर किया है। अब कैंट थाना पुलिस ने इस संबंध में ठगी का केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने मामले की दोबारा से किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच करवाने के लिए एपसी अंबाला को पत्र लिखा है।

-------------

यह है शिकायत

शिकायत में नेवी से सेवानिवृत्त मोती बाग अंबाला कैंट निवासी बलकार सिंह कहा कि उसका बेटा पलविदर सिंह मर्चेंट नेवी में है और वह विदेशी शिप पर रहता है। उसने अपना सैलरी अकाउंट निजी बैंक में खुलवाया था। इसके बाद उसका बेटा सिगापुर की फर्म की शिप पर चला गया और उसका मोबाइल नंबर, जो बैंक अकाउंट खुलवाते समय दिया था, वह बंद रहा। बावजूद उसके बेटे के अकाउंट से एप के माध्यम से 4 लाख 36 हजार 275 रुपये की राशि निकलवा ली। यह रकम 20 जून 2020 से लेकर 4 जुलाई 2020 के बीच में निकाली गई। इसके बाद बीसी बाजार चौकी में शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामला साइबर सेल में भी गया। अब बैंक ने जो स्टेटमेंट दी है उससे वह संतुष्ट नहीं हैं और किसी अन्य अधिकारी से जांच की मांग की है।

-----------------

इसलिए दोबारा जांच की मांग उठाई

बलकार सिंह का कहना है कि जब निजी बैंक में अकाउंट खुलवाया गया था तो सारे कागजात दिए गए थे। इसमें ईमेल आइडी और मोबाइल नंबर भी दिया गया, लेकिन अब पता चला है कि बैंक की ओर से ईमेल आइडी गलत डाल दी गई। एनआरआइ अकाउंट खुलवाया गया था, जिसमें बेटे की सैलरी आती है। खाता खुलवाने के बाद बेटा अपनी जाब पर चला गया और उसका मोबाइल बंद है। बैंक का कहना है कि उपभोक्ता ने ओटीपी साझा किया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब मोबाइल बंद रहा तो ओटीपी कैसे साझा हो सकता है।

------------------

राजस्थान के झुंझुनू में निकाले गए हैं रुपये

जांच में यह पता चला है अलग-अलग एप से रुपये निकाले गए हैं। लोकेशन राजस्थान के झुंझुनू की मिल रही है। अब बिना ओटीपी साझा किए यह राशि कैसे निकाली गई इसका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.