शराब कारोबारी प्रदीप मित्तल से पुलिस नहीं उगलवा सकी राज, एक दिन का फिर रिमांड

शराब कारोबारी प्रदीप मित्तल से पुलिस नहीं उगलवा सकी राज, एक दिन का फिर रिमांड
Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 07:50 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : शहर के मंडोर गांव में नकली रम बनाने और शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार शराब कारोबारी प्रदीप मित्तल से पुलिस रिमांड के दौरान तस्करी के राज उगलवा नहीं पा रही। आरोपित को शनिवार अदालत में पेश कर चार दिन का पुलिस ने रिमांड मांगा। अदालत ने मित्तल को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। हालांकि पुलिस की पूछताछ में स्पष्ट हो चुका है कि मित्तल के जड़ौत रोड पर स्थित गोदाम से शराब की पेटियां मंडोर गांव आती थी। यहां से शराब की गुजरात और बिहार के लिए तस्करी होती थी। उधर, इस मामले में गठित एसआइटी की टीम गुजराज और अन्य राज्यों में छापेमारी के लिए रवाना हो चुकी है।

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यह है मामला

गांव मंडोर के गोदाम से शराब की 300 पेटियां एलोवेरा जूस की आड़ में गुजरात भेजी जा रही थीं। गोदाम में माल लोडिंग के दौरान एक पेटी गिर गई, जिससे ट्रक चालक को पेटी में शराब होने की जानकारी लगी। उसने तुरंत ट्रांसपोर्ट मालिक को इस बारे में जानकारी दी। ट्रांसपोर्टर की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पंजोखरा पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस जब मंडोर पहुंची तो तस्करी की परतें उधड़ती चली गई। पता चला कि गोदाम में शराब तस्करी ही नहीं बल्कि नकली रम भी बनाई जाती है। गोदाम का एग्रीमेंट गुजरात के निखिल पटेल के नाम पर किया गया है। अब तक की जांच में निखिल पटेल का नाम भी फर्जी पाया गया है। जांच में सामने आया कि गौरव राणा ने एलोवेरा जूस की एक फर्म जनवरी 2020 में बनाई थी। इसी की आड़ में अंबाला से बिहार और गुजरात शराब की तस्करी की जाती थी।

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पहले भी मित्तल के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

शराब तस्करी का मामला अंबाला में नया नहीं है। सन 2018 में भी एल-13 आफिस में गैर कानूनी ढंग से गोदाम बनाने का मामला प्रकाश में आया था। फर्जीवाड़े में शराब कारोबारी मित्तल सहित छह लोग फंसे थे। शराब कारोबारी द्वारा मंगवाई 3037 शराब की पेटियों को भी पुलिस ने जब्त किया था। कारोबारी मित्तल ने जड़ौत रोड स्थित एल-13 कार्यालय में ही शराब का गोदाम बना लिया था। इसी गोदाम से शराब की सप्लाई की जाती थी। सीएम फ्लांग की टीम ने इस फर्जीवाड़े से पर्दा उठाया था। सीएम फ्लाइंग ने जिला आबकारी उप निदेशक एनके ग्रेवाल को बताया था कि जड़ौत रोड के नजदीक मित्तल वाइन गोदाम के सामने 3-4 गाड़ियां शराब से भरी खड़ी थीं। जांच हुई तो इनमें से किसी भी गाड़ी का ड्राइवर मौके पर नहीं था। पकड़ी गई चारों गाड़ियों में से एक बिना नंबर का कैंटर भी था। जबकि एक कैंटर ऐसा भी था जिस पर आगे अलग और पीछे अलग नंबर लगाया गया था।

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नहीं था किसी के पास भी परमिट

पकड़े गए एक ट्रक और तीन कैंटरों में से किसी के पास भी पास परमिट नहीं था। एल-13 गोदाम के सामने यशपाल उर्फ बंटी मौके पर मौजूद था जो कि इस शराब को नाजायज तरीके बेचकर सरकार को चूना लगाने की फिराक में था। उसी ने यह शराब मंगवाई थी। वह भी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शराब कारोबारी मित्तल वाइन के संचालक, यशपाल व फरार हुए चारों चालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

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