छह साल बाद भी बुजुर्ग के हत्यारे कानून के लंबे हाथों से दूर

बिजलपुर गांव के रहने वाले लालचंद के लिए छह साल पहले हुई उसके पिता रामकिशन की हत्या अनसुलझी गुत्थी बनकर रह गई है।

JagranSat, 04 Dec 2021 07:19 PM (IST)
छह साल बाद भी बुजुर्ग के हत्यारे कानून के लंबे हाथों से दूर

संवाद सहयोगी, मुलाना : बिजलपुर गांव के रहने वाले लालचंद के लिए छह साल पहले हुई उसके पिता रामकिशन की हत्या अनसुलझी गुत्थी बनकर रह गई है। जबकि 85 वर्षीय वृद्ध रामकिशन मरने से पहले स्वयं अपने बेटे को लकड़ी काटने वाली तीन महिलाओं व एक युवक द्वारा उसे मारने की बात कही थी। मामले में अज्ञात तीन महिलाओं व एक युवक निवासी धनौरी के खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ व छानबीन भी हुई। कितु रामकिशन हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस सुलझाने में असफल रही और पुलिस की फाइलों में रामकिशन हत्याकांड ब्लाइंड मर्डर केस बनकर रह गया। दिन दहाड़े कुल्हाड़ी से की थी रामकिशन की हत्या

करीब छह साल पहले 15 अक्तूबर 2015 को रामकिशन की उसके डेरे स्थित घर के नजदीक करीब दो एकड़ दूर चार अज्ञात आरोपियों ने कुल्हाड़ी से उसकी दिन दिहाड़े हत्या कर दी थी। वारदात रामकिशन द्वारा उक्त आरोपितों को कटे पेड़ों की लकड़ी उठाने से मना करने पर घटी। खेत में तड़पते रामकिशन की सूचना प्रवासी मजदूरों ने लालचंद को दी। जब लालचंद अपने पिता के पास पंहुचा तो वह जीवित था। जहां रामकिशन ने बताया कि तीन महिलाओं व एक युवक जोकि धनौरी गांव के रहने वाले थे। उन्हें लकड़ी उठाने से मना किया तो उन्होंने मुझ पर हमला कर दिया। लालचंद के अनुसार यही ब्यान उसके पिता ने मरने से पहले मुलाना थाना प्रभारी के सामने भी दिए थे। जिसके बाद रामकिशन ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एसीपी विजय प्रताप, डीसीपी बराड़ा अनिल गुज्जर, व मुलाना थाना प्रभारी सुधीर तनेजा ने करीब 6 लोगों से पूछताछ की थी । सीएम विडो से लेकर उच्च अधिकारियों तक लगाई गुहार

लालचंद व उसके परिवार ने रामकिशन हत्याकांड के आरोपियों को ढूंढ निकालने के लिए सीएम विडो सहित उच्च अधिकारियों के कार्यालयों के बहुत चक्कर लगाए। लेकिन रामकिशन हत्याकांड की गुत्थी अनसुलझी रही। लालचंद व उसका छोटा भाई फकीरचंद आज भी जब वो वारदात याद करते है तो उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं।

शव को मार्ग पर रखकर लगाया था जाम, अब तक जारी है तारीखें

लालचंद ने बताया कि उनके पिता की हत्या के बाद जब हत्यारों का पता नहीं चल पाया तो उन्होंने अपने पिता के शव को सढ़ौरा दोसड़का मार्ग पर रखकर मार्ग पर जाम लगाया था। जिसके बाद मुलाना पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था लेकिन उसके बाद बिजलपुर गांव के 10 लोगों लाल चंद, फकीरचंद, अशोक कुमार, देवकीनंदन, अजय शर्मा, जबर सिंह. संत राम, काका, विनोद शर्मा व नरेश शर्मा के खिलाफ मार्ग जाम करने का मामला दर्ज किया गया था। लालचंद ने कहा कि उसके पिता की हत्या किसने की यह पुलिस आजतक पता नहीं कर पाई है। लेकिन हम आजतक जाम लगाने के आरोप के मामले में कोर्ट में तारीखें लगा रहे है। मुलाना थाना प्रभारी सुभाष सिह ने बताया कि मामला ब्लाइंड मर्डर केस का है। जांच रुकी नहीं है, जारी है।

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