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गोली कांड : पुलिस के गले की फांस बनी फुटेज, नौ दिन बाद भी अंधेरे में चला रही तीर

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर

ग्रेंड होटल एवं बैंक्वेट हाल के मालिक राजेश आहलुवालिया पर फायर करने की वारदात को नौ दिन बीत चुके, परंतु आरोपित तक पहुंचने के लिए पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है जबकि पुलिस मामले को ट्रेस करने की कोशिश में जुटी है, इसके लिए होटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज की जरूरत है, परंतु फुटेज न मिल पाना पुलिस के लिए अब गले की फांस बन गया है। ऐसे में पुलिस बिना किसी सुबूत के ही अंधेरे में तीर चला रही।

पुलिस की माने तो फुटेज के लिए चंडीगढ़ में उपचाराधीन राजेश के परिवार से मिल चुके हैं परंतु परिवार द्वारा सहयोग न मिल पाने के कारण तफ्तीश आगे नहीं बढ़ पा रही। हालांकि पुलिस ने मामले को ट्रेस करने के लिए पांच टीमें अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। इसलिए होटल फुटेज की जरूरत

बता दें कि रेलवे रोड पर बने होटल को खुद राजेश आहलुवालिया चला रहे हैं। इसलिए वे होटल में बने ऑफिस में बैठते थे। ऐसे में रोजाना उनसे कोई न कोई मिलने के लिए आता रहता था। जिनकी मूवमेंट वहां लगे सीसीटीवी में कैद है जबकि इसी फुटेज की पुलिस के जरूरत है ताकि जांच में और तेजी लाई जा सके। परंतु पुलिस का कहना है ग्रेंड होटल के परिवार के लोग न तो फुटेज के लिए कमरे की चाबी दे रहे हैं और न ही सीसीटीवी का पासवर्ड। इस तरह दिया गया था वारदात को अंजाम

बता दें छह दिसंबर को राजेश आहलुवालिया शाम छह बजे घर से अपनी सेंट्रो कार में होटल आए थे। होटल के कुछ काम निपटाने के बाद रात 10.15 घर के लिए निकले थे। जैसे सिटी प्लाजा के पास रात 10.30 बजे पहुंचे तो पीछे से एक बाइक पर दो युवक आए और कंडक्टर साइड से बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उनकी कार को रोकने का इशारा किया। कार रोकने के बाद जब उन्होंने शीशे को नीचे किया तो तभी बाइक पर पीछे बैठे युवक ने फायर कर दिया, जोकि सिर के बाई तरफ खोपड़ी को टच करते हुए कार पर जा लगी। गोली चलाने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए थे। अब उनका इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है जहां उनकी हालत में सुधार बताया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। होटल में लगे सीसीटीवी की फुटेज न मिल पाने से कोई क्लू नहीं मिल पा रहा। फुटेज के लिए परिवार से कई बार बात की जा चुकी है, परंतु सहयोग न मिल पा रहा। यदि फुटेज मिल जाए तो जांच में काफी हेल्प हो सकती है, परंतु फिर भी मामले को जल्दी ही ट्रेस कर दिया जाएगा।

-केवल सिंह, इंचार्ज, सीआईए वन

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