अंबाला में 70 हजार की आबादी को वैक्सीन का इंतजार

अंबाला में 70 हजार की आबादी को वैक्सीन का इंतजार

जले की एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) जिसकी 70 हजार की आबादी है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर न कोरोना की टेस्टिग हो रही है और न ही वैक्सीन। क्योंकि पीएचसी माजरी में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है। यहां पर सप्ताह भर से लोग बिना वैक्सीन के वापस लौट रहे हैं।

JagranTue, 18 May 2021 06:00 AM (IST)

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : जिले की एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) जिसकी 70 हजार की आबादी है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर न कोरोना की टेस्टिग हो रही है और न ही वैक्सीन। क्योंकि पीएचसी माजरी में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है। यहां पर सप्ताह भर से लोग बिना वैक्सीन के वापस लौट रहे हैं। वहीं पीएचसी को कर्मियों का टोटा भी झेलना पड़ रहा है। यहां से डाक्टरों समेत अन्य स्टाफ को भी डेपूटेशन पर भेज दिया गया है। हालांकि यहां पर दंत चिकित्सक कार्यभार संभाल रही हैं।

गांव माजरी में पीएचसी है। इसके अंतर्गत छह सब सेंटर और 38 गांव हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की आबादी 70 हजार के पार हो जाती है। लेकिन यहां पर इस समय एक डाक्टर ही काम संभाल रहा है, जबकि पहले यहां पर तीन डाक्टर हैं। इस समय मल्टी परपज हैल्थ वर्कर (एमपीएचडब्ल्यू) तक भी नहीं है। ऐसा ही कुछ हाल सब सेंटर पर बना हुआ है। छह सब सेंटरों को सिर्फ तीन सीएचओ ही देख रहे हैं। यहां भी डेपूटेशन की मार पड़ रही है।

------ -वैक्सीन के बिना खाली लौट रहे ग्रामीण

ग्रामीण क्षेत्र से जो लोग कोरोना के बचाव के लिए वैक्सीन करवाने पहुंचते हैं। उन्हें खाली लौटना पड़ रहा है। क्योंकि यहां पर पिछले सप्ताह से लोगों को वैक्सीन नहीं लगायी गई। हालांकि गांवों सरपंच के साथ हेल्थ सेंटर से एएनएम, आशा वर्कर के साथ घर-घर जाकर जांच कर रही है। जिसमें देखा जा रहा है कि किसी का तापमान अधिक तो नहीं है या फिर किसी में कोरोना महामारी के लक्षण तो नहीं हैं।

--------- -आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर और न ही पहुंची थी शिक्षक

आदेश के बावजूद भी पहले दिन आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर और शिक्षक नहीं पहुंची थी। इसके बाद मामले में माजरी गांव के सरपंच यशपाल शर्मा ने बीडीपीओ को शिकायत कर दी। जिसके बाद सोमवार को गांव में कर्मी पहुंची और गांव के घर-घर में जांच शुरू की गई।

------- -लक्षण वाले मरीजों को किया जाएगा आइसोलेट

पीएचसी के डा.शिखा शर्मा ने बताया कि गावों में हेडक्वार्टर बनाए जा रहे हैं। इनकी टीमें निरीक्षण करने के बाद इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आइएलआइ) के मरीजों की लिस्ट बनाएगी। इसके बाद इन मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा। इन आइसोलेट मरीजों को चिकित्सक खास नजर रखेंगे, ताकि कोरोना की चेन को रोका जा सके।

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