Porbandar Chimney Accident: गुजरात के पोरबंदर में सीमेंट फैक्ट्री की चिमनी में फंसने से तीन की मौत

Porbandar Chimney Accident गुजरात में पोरबंदर के पास स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री की चिमनी में मरम्मत कार्य करने के दौरान छह मजदूर फंस गए। इनमें से तीन को सुरक्षित निकाल लिया गया लेकिन तीन श्रमिकों की मौत हो गई।

Sachin Kumar MishraFri, 13 Aug 2021 03:30 PM (IST)
गुजरात के पोरबंदर में सीमेंट फैक्ट्री की चिमनी में फंसने से तीन की मौत। फाइल फोटो

अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। गुजरात में पोरबंदर के पास स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री की चिमनी में मरम्मत कार्य करने के दौरान छह मजदूर फंस गए। इनमें से तीन को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन तीन श्रमिकों की मौत हो गई। इधर, मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने जिला कलक्‍टर से फोन पर बात कर श्रमिकों को सभी आवश्‍यक मदद करने का निर्देश दिया है। पोरबंदर के पास राणावाव स्थित हाथी सीमेंट फैक्ट्री के चिमनी में गुरुवार को छह मजदूर मरम्मत काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हुए एक हादसे के कारण मजदूर चिमनी में फंस गए। यह सीमेंट फैक्ट्री बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला के पति की है। चिमनी में फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन तीन मजदूरों की उसमें मौत की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे तथा फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी राहत व बचाव कार्य के लिए बुलाया गया।

गुजरात में फैक्ट्री में कारखानों में आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। फैक्ट्रियों व कारखानों में फायर ब्रिगेड तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों के अभाव के चलते यहां काम करने वाले गरीब मजदूरों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। हाल ही में गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य के अस्पताल तथा व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी व सुरक्षा उपकरणों को नहीं अपनाने पर राज्य सरकार को भी आड़े हाथ लिया था। हाई कोर्ट का कहना था कि केवल नियम कानून बनाकर सरकार अपनी इतिश्री कर लेती है, लेकिन जमीन पर कहीं पर भी उसका अमल नहीं हो पाता है। गुजरात में हजारों की संख्या में व्यावसायिक परिसर कारखाना व फैक्ट्रियां फायर सेफ्टी व सुरक्षा उपकरणों के बगैर संचालित की जा रही है। राज्य सरकार ने भी सूरत में एक कोचिंग सेंटर में आगजनी के हादसे के बाद बड़ा सबक लिया। राज्य के महानगरों में अब फायर सेफ्टी के बिना महानगर पालिका की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा बिल्डिंग यूज प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। 

इस बीच, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए जिला कलेक्टर पोरबंदर को घायलों के लिए राहत व बचाव के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें भी सीमेंट फैक्ट्री पर भेजने के निर्देश दिए। रूपाणी ने कहा कि इस हादसे से प्रभावित व जख्मी हुए लोगों के सभी तरह की सुविधाएं एवं सहायता मुहैया कराई जाएगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.