Gujarat: नए मुख्यमंत्री पर मंथन, मनसुख मंडाविया और नितिन पटेल गांधीनगर में भाजपा कार्यालय पहुंचे

Gujarat विजय रूपाणी के इस्तीफा देने के बाद शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंच गए हैं। इधर गुजरात भाजपा के सभी विधायकों को भी गांधीनगर बुला लिया गया है।

Sachin Kumar MishraSat, 11 Sep 2021 06:29 PM (IST)
मनसुख मंडाविया और नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। फाइल फोटो

अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। उत्‍तराखंड व कर्नाटक के बाद गुजरात में भाजपा मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने जा रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार दोपहर अचानक अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। फिर गुजरात की कमान पाटीदार (पटेल) नेता के हाथ में आना तय माना जा रहा है। भाजपा ने अपने विधायकों को गांधीनगर बुलाया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार को विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। यहां नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी। इधर, रूपाणी के इस्तीफा देने के बाद नए सीएम पर मंथन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंच गए हैं। इस बीच, गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के इस्तीफे के बाद मीडिया में इस पद के लिए अन्य‍ कई नामों के साथ मेरा नाम भी चल रहा है। मैं इस पद की दौड़ में नहीं हूं। पार्टी की ओर से जिसे भी मुख्यमंत्री चुना जाएगा, उनके साथ मैं व रूपाणी 2022 के विधानसभा चुनाव में सभी 182 सीट जीतने के लिए भाजपा का काम करेंगे।

इसलिए हटना पड़ा रूपाणी को

गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा आलाकमान रूपाणी के नाम पर दांव लगाने को तैयार नहीं था। चूंकि बीते सप्ताह केवड़िया में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अधिकांश नेता मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने के पक्ष में थे। गत विधानसभा चुनाव रूपाणी के नेतृत्व में लड़ा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह ने गुजरात में पूरी ताकत झोंककर भाजपा की सत्ता को कायम रखा, लेकिन विधानसभा की 182 में से भाजपा 99 पर ही अटक गई थी, जबकि कांग्रेस 77 सीट जीतने में सफल रही थी। पाटीदार भाजपा का कोर वोट बैंक माना जाता है। पिछले चुनाव में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के चलते भाजपा को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल अब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं तथा भाजपा किसी भी सूरत में पाटीदारों को खिसकने नहीं देना चाहती है। आम आदमी पार्टी भी गुजरात में जमीन तलाश रही है तथा पाटीदारों पर ही उनकी नजर है। ऐसे में भाजपा पहले ही सतर्क होकर विधानसभा चुनाव तक अपनी सभी कमजोर कड़ियों को ठीक कर लेना चाहती है।

नितिन पटेल भावी मुख्यमंत्री के रूप में इंटरनेट मीडिया पर हुए ट्रेंड

रूपाणी के इस्तीफा देते ही उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल भावी मुख्यमंत्री के रूप में इंटरनेट मीडिया पर ट्रेंड करने लगे हैं। सरदार धाम के समारोह में मौजूद राज्य सरकार के सभी मंत्रियों में नितिन पटेल एक कद्दावर नेता के रूप में नजर आ रहे थे। अब उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री माना जा रहा है, लेकिन केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मंत्री परसोत्तम रूपाला भी इस पद के बराबर दावेदार हैं। दीव-दमण के प्रशासक व गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री प्रफुल्ल पटेल को भी रविवार को गांधीनगर बुलाया गया है। प्रफुल्ल पटेल को मुख्यटमंत्री पद के चेहरे के रूप में ही देखा जा रहा है। सौराष्ट्र् के राजनीतिक गलियारों में भाजपा उपाध्यक्ष गोरधन झडफिया के नाम की भी खूब चर्चा है। ओबीसी व आदिवासी वोट बैंक साधने के लिए एक-एक उपमुख्यमंत्री इस समुदाय से बनाए जा सकते हैं।

ओबीसी व आदिवासी समुदाय भी जता चुके हैं सीएम पद पर दावेदारी

चूंकि हाल ही ओबीसी व आदिवासी समुदाय की ओर से भी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी जताई गई थी। इससे पहले पाटीदार समाज की कुलदेवी मां खोडल के मंदिर में मुख्य ट्रस्टी नरेश पटेल ने कहा था कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री पटेल होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह ही अहमदाबाद में 200 करोड़ की लागत से निर्मित विश्व पाटीदार समाज के सरदार धाम का ई लोकार्पण किया था। इसके ठीक बाद रूपाणी गांधीनगर पहुंचे तथा भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष व प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल से चर्चा के साथ ही अन्य नेताओं के साथ राजभवन इस्तीफा देने पहुंच गए। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शुक्रवार शाम को ही गांधीनगर पहुंच गए थे। उसके दो दिन पहले अमित शाह भी गुजरात आए, लेकिन किसी को भनक नहीं लग पाई।

बीच में कार्यकाल पद छोड़ने वाले विजय रूपाणी 14वें सीएम

अगस्त, 2016 में इसी तरह तत्कालीन सीएम आनंदीबेन पटेल को हटाकर गुजरात की कमान विजय रूपाणी को सौंपी गई थी। गुजरात में हितेंद्र देसाई व नरेंद्र मोदी ही ऐसे मुख्यंमंत्री रहे, जो अपना कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा कर सके। कार्यकाल के बीच में ही पद गंवाने वाले रूपाणी 14वें मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री जीवराज मेहता, बलवंत राय मेहता, घनश्यानम ओझा, चिमनभाई पटेल, बाबूभाई पटेल, माधव सिंह सोलंकी, अमर सिंह चौधरी, छबीलदास मेहता, केशुभाई पटेल, सुरेशचंद्र मेहता, शंकर सिंह वाघेला, दिलीप भाई परीख, आनंदीबेन पटेल को भी बीच कार्यकाल पद छोड़ना पड़ा था।

विजय रूपाणी का संदेश

विजय रूपाणी ने कहा कि मैं खुशी से इस्तीफा दे रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के प्रति आभार, जो उन्होंंने मेरे जैसे कार्यकर्ता को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री का विशेष मार्गदर्शन मिलता रहा। पार्टी जो भी जिम्‍मेदारी सौंपती है, उसे निष्ठा पूर्वक निभाऊंगा। नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गुजरात विकास करता रहेगा। गुजरात के विकास की यात्रा में गत पांच वर्षों में मुझे भी योगदान करने का अवसर मिला, उस के लिए प्रधानमंत्री का आभार। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुझे प्रशासनिक विषयों में नए अनुभवों को जानने-समझने का अवसर मिला है तथा पार्टी के कामकाज में भी उनका सहयोग मेरे लिए अमूल्य है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी का सहयोग व मार्गदर्शन भी मेरे लिए अटूट रहा है। मेरे त्यागपत्र से गुजरात में पार्टी के नए नेतृत्व को अवसर मिलेगा तथा हम सब एकजुट होकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात की इस विकास यात्रा को नई ऊर्जा, नए उत्साह, नए नेतृत्व के साथ आगे लेकर जाएंगे।

जानें-किसने क्या कहा

गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि भाजपा आलाकमान गुजरात को हलके में ले रहा है। रिमोट से गुजरात की सरकार चला रहा है। पहले केशुभाई पटेल, आनंदीबेन पटेल व अब विजय रूपाणी को मुख्‍यमंत्री पद से हटा रहे हैं, इनका क्‍या कसूर है। पहले कर्नाटक, उत्‍तराखंड अब गुजरात में कठपुतली की तरह सीएम बदले गए। उत्‍तर प्रदेश में योगी आदित्‍यनाथ अड़ गए, अन्‍यथा उन्‍हें भी बदलने की तैयारी थी। भाजपा चाहे जो चेहरा बदले अगली बार गुजरात में भाजपा सत्‍ता में नहीं रहेगी।

भाजपा में आंतरिक खींंचतान चरम परः अमित चावड़ा

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि भाजपा में आंतरिक खींंचतान चरम पर है। रूपाणी को इसलिए पद से हटना पड़ा है। कोरोना महामारी में केंद्र व गुजरात सरकार पूरी तरह विफल रही। रूपाणी सरकार की‍ विफलता के कारण गुजरात की जनता को सहन करना पड़ा।

भाजपा में सरकार व संगठन के बीच संघर्ष चल रहाः परेश धनाणी

गुजरात विपक्ष के नेता परेश धनाणी ने कहा कि सरल स्‍वभाव के विजय रूपाणी का भाजपा ने इस्तीफा ले लिया, भाजपा में सरकार व संगठन के बीच संघर्ष चल रहा है। कोरोना महामारी स‍मेत सभी मोर्चो पर विफल भाजपा ने चेहरा बदलना है, लेकिन उसकी रीति नीति वहीं है।

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