Gujarat: अमित शाह बोले, छह साल से अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य हो

Gujarat अमित शाह ने कहा कि अपराधों की जांच में पुलिस की थर्ड डिग्री के दिन गए पुलिसकर्मी अब फॉरेंसिक साइंस व आधुनिक तकनीक का उपयोग त्‍वरित जांच कर सकेंगे। छह साल से अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए।

Sachin Kumar MishraMon, 12 Jul 2021 04:44 PM (IST)
देश की पुलिस को आधुनिक बनाएंगेः अमित शाह। फाइल फोटो

गांधीनगर, जागरण संवाददाता। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अपराधों की जांच में पुलिस की थर्ड डिग्री के दिन गए, पुलिसकर्मी अब फॉरेंसिक साइंस व आधुनिक तकनीक का उपयोग त्‍वरित जांच कर सकेंगे। छह साल से अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए। शाह ने कहा कि देश के हर जिले में नारकोटिक्‍स लैब सेंटर खोला जाएगा। केंद्र सरकार देश को नशा व मादक पदार्थ से मुक्‍त बनाना चाहती है। गृहमंत्री शाह ने सोमवार को गांधीनगर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के नारकोटिक्स एंड साइकोट्रोजिक सब्सटेंसेज डिटेक्शन सेंटर के उद्घाटन के बाद कहा कि भारतीय दंड संहिता आइपीसी व कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर सीआरपीसी में बड़े बदलाव की जरूरत है।

छह साल से अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए
शाह ने कहा छह साल से अधिक सजा के मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए। हर जिले में फॉरेंसिक मोबाइल वैन होनी चाहिए। न्‍यायाधीश, वकील, पुलिस अधिकारी तथा विशेषज्ञों से चर्चा कर देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्‍टम में बदलाव किया जाएगा। शाह ने कहा कि पुलिस की थर्ड डिग्री जांच के दिन अब चले गए, अपराधी को फॉरेंसिक साइंस व आधुनिक तकनीक से जांच करके भी तोड़ा जा सकता है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे, तब वे यहां ग्रहमंत्री थे, अब वे प्रधानमंत्री हैं और मैं देश का ग्रहमंत्री हूं। फॉरेंसिक साइंस लैब की स्‍थापना के वक्‍त जो सपना देखा था, आज वह पूरा हुआ। नेशलन फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी ने कम समय में विश्व स्तरीय फॉरेंसिक जांच व प्रशिक्षण का स्तर प्राप्त कर लिया है। दुनिया के छात्र अब यहां नारको एनालिसिस, साइबर क्राइम व क्रिमिनल इन्‍वेस्‍टीगेशन सीखने आएंगे। देश के सात राज्‍य अपने यहां फॉरेंसिक साइंस कॉलेज खोलने की इच्‍छा जता चुके हैं।

साइबर क्राइम पर लगाम कसना बहुत जरूरी
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन तक ले जाना चाहते हैं, जिसके लिए साइबर क्राइम पर लगाम कसना बहुत जरूरी है। फॉरेंसिक साइंस एवं नारको एनालिसिस सेंटर के माध्यम से पुलिस जांच को वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिलेगा। इससे जांच में तेजी आएगी तथा पुलिस का काम भी आसान होगा। देश के हर जिले में नारको एनालिसिस सेंटर खोले जाएंगे। शाह ने कहा कि नारको टेरेरिज्‍म बड़ी चुनौती है, जिसे केंद्र खत्‍म कर देश को नशे से मुक्‍त करना चाहता है। नारको एनालिसिस लैब के माध्‍यम से मादक पदार्थों की तस्‍करी पर लगाम कसने के साथ उसके उदगम स्‍थल की भी पहचान की जा सकेगी। देश में डेढ़ साल में नारको के सबसे अधिक मामले सामने आए, बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्‍त किए गए, यह देश के लिए स्‍वर्णिम काल है।

ड्रग माफियाओं की पहचान आसान होगीः विजय रूपाणी

मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि अपराध के वैज्ञानिक परीक्षण के साथ उस पर नियंत्रण भी आसान होगा। ड्रग माफियाओं की पहचान आसान होगी। गुजरात सरकार ने नशाबंदी व नारको कानून को सख्‍त बनाया है, जिससे प्रदेश नशे के कारोबार पर अंकुश लगा है। यहां इन्‍वेस्‍टीगेशन ऑफ क्राइम अगेंस्‍ट वुमन सेंटर की भी स्‍थापना की गई है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की फोरेंसिक तकनीक से जांच की जा सकेगी। देश के अन्‍य राज्‍यों की पुलिस को इस सेंटर के जरिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। समारोह में गृह राज्‍यमंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा भी मौजूद थे। एनएफएसयू के उपकुलपति डॉ जेएम व्‍यास ने कहा कि मादक पदार्थ जिन रसायन व पदार्थ से बनाए जाते हैं, उनका विश्‍लेषण कर नियमन जरूरी है, ताकि इनके दुरुपयोग को रोका जा सके। देश की पुलिस को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने यहां जांच को वैज्ञानिक व तकनीकी रूप से सुद्रढ बना सकें।

अहमदाबाद में रिकार्ड टीकाकरण

इससे पहले शाह ने अपने लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर में ढाई सौ करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास किया। सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्‍मार्ट क्‍लास रूम, वाचनालय, सिविक सेंटर के उद्घाटन तथा नारदीपुर गांव में 12 एकड़ में फैली झील के सौंदर्यीकरण कार्य की उन्होंने शुरुआत की। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मुख्यमंत्री रहते जो विकास कार्य किए, विकास की वही गति अविरत जारी है। शाह ने कहा कि अहमदाबाद में 45 वर्ष से अधिक उम्र के 86 फीसद लोगों का टीकाकरण हो चुका है। जबकि 18 से 45 वर्ष की उम्र के युवाओं में 32 फीसद का टीकाकरण किया जा चुका है।

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