Sumeet Vyas को 1962- द वॉर इन द हिल्स की शूटिंग के दौरान मिली थी सबसे बड़ी ख़ुशी, बने थे पिता

Sumeet Vyas with won Ved. Photo- Instagram

सुमीत आगे कहते हैं- एक बड़ा इत्तेफाक यह है कि मेरे किरदार रामकुमार यादव की तरह ही मैं भी अपने वास्तविक जीवन में ज्यादा खुलकर बात करने वाला नहीं हूं। मैं चाहता था कि मेरा किरदार शब्दों में बोले बिना वह भाव दिखाए।

Manoj VashisthFri, 26 Feb 2021 01:02 PM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। सुमीत व्यास 1962- द वॉर इन द हिल्स वेब सीरीज़ में रामकुमार यादव नाम के जवान का किरदार निभा रहे हैं। इस सीरीज़ की शूटिंग के दौरान सुमीत को अपने जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी मिली थी। वो एक बेटे के पिता बने थे, जिसने इस सीरीज़ में शूटिंग के दौरान उनके किरदार को एक नया नज़रिया दे दिया था। सीरीज़ में सुमीत एक बच्चे के पिता भी हैं। 

शूटिंग के दौरान जब सुमीत को असली जीवन में पिता बनने का समाचार मिला। इसको लेकर सुमीत कहते हैं- ‘‘1962: द वॉर इन द हिल्स में रामकुमार यादव का किरदार मेरे लिए बहुत खास अनुभव है। मेरा किरदार सी कंपनी की बटालियन में एक सैनिक का है, मैं एक लड़के का पिता भी हूं। इस सीरीज़ की शूटिंग के दौरान मुझे पता चला कि मैं असली जिंदगी में पिता बनने वाला हूं। मुझे ऐसे किरदार का अनुभव नहीं था, लेकिन पिता की भूमिका निभाने के बाद मैं सोचने लगा कि मैं कैसा पापा बनना चाहता हूं और मैंने वह अपने किरदार में उतारने की कोशिश की। अभिनेता के रूप में मुझे काम के लिए सफ़र करना पड़ता है, इसलिए मैं समझता हूं कि लंबे समय तक घर से दूर रहने पर कैसा महसूस होता है।

सुमीत आगे कहते हैं- एक बड़ा इत्तेफाक यह है कि मेरे किरदार रामकुमार यादव की तरह ही मैं भी अपने वास्तविक जीवन में ज्यादा खुलकर बात करने वाला नहीं हूं। मैं चाहता था कि मेरा किरदार शब्दों में बोले बिना वह भाव दिखाए, जो एक पिता के अपने बच्चे के लिए होते हैं। मेरा विश्वास है कि पिता और बेटे के बीच एक ऐसा बॉन्ड होता है कि भले ही पिता कुछ ना बोले, लेकिन उसका बेटा उसकी भावनाओं को समझ जाता है। अपने किरदार द्वारा मैंने यही दिखाने की कोशिश की है।’’ सुमीत के बेटे का नाम वेद व्यास है। 

सीरीज़ में अभय देओल, आकाश थोसर, सुमीत व्यास, रोहन गंडोत्रा, अनूप सोनी, मेयांग चैंग, माही गिल, रोशेल राव, हेमल इंगले आदि मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। 1962- द वॉर इन द हिल्स 3000 चीनी सैनिकों से भिड़ने वाले उन 125 साहसी सैनिकों की कहानी है, जिनकी हिम्मत ने युद्ध की कहानी बदल दी। कहानी चारुदत्त आचार्य ने लिखी है और इसका निर्देशन महेश मांजरेकर ने किया है।

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