Pearl V Puri के केस पर देवोलीना भट्टाचार्जी ने किया ये ट्वीट, तो निया शर्मा दिया जवाब
टीवी एक्टर पर्ल वी पुरी इन दिनों सलाखों के पीछे कैद हैं। एक्टर को नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पर्ल पर लगे आरोपों के बाद कई टीवी स्टार्स उनका सपोर्ट कर रहे हैं।
नई दिल्ली, जेएनएन। टीवी एक्टर पर्ल वी पुरी इन दिनों सलाखों के पीछे कैद हैं। एक्टर को नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पर्ल पर लगे आरोपों के बाद कई टीवी स्टार्स उनका सपोर्ट कर रहे हैं और उन्हें बेकसूर बताते हुए जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। हाल ही में टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी पर्ल के मामले को लेकर एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने भूख हड़ताल करने और धरने पर बैठने की बात कही। लेकिन उनकी ये बात फेमस टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को पसंद नहीं आई और उन्होंने देवोलीना पर पलटवार कर दिया।
देवोलीना ने किए ये ट्वीट...
देवोलीना भट्टाचार्जी ने ट्विटर पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर अपना गुस्सा निकाला। उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा, 'कुछ तो इंसानियत रखो। कैसे गंदे लोग हो तुम। डिक्शनरी खोलो और Empathy (हमदर्दी) का मतलब समझो बेवकूफों। ऐसी घिनौनी चर्चा को बंद करो और अदालत को फैसला करने दो..सचमुच मानवता अपने सबसे निचले स्तर पर है...सस्ता यह सब।'
अपने दूसरे ट्वीट में एक्ट्रेस ने लिखा, 'मां-बाप ने इंसानियत सिखाई होती तो 7 साल की बच्ची की मां के इंस्टा अकाउंट पर गधों की तरह कमेंट करने से पहले 100 बार सोचते। और जिसने भी बच्ची की पहचान उजागर की है। उसको भी सलाखों के पीछे होना चाहिए। मुझे आशा है कि आप या आपके प्रियजन इसे समझेंगे।'
अपने आखिरी ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'आपका सोशल मीडिया हैंडल उसकी मदद नहीं कर रहा है। लेकिन कर्म निश्चित रूप से आप में से हर एक पर वापस आ जाएगा जो उस छोटी सी 7 साल की बच्ची को कोस रहा है। कैसे लोग हो यार तुम लोग..धरने पर बैठो, भूख हड़ताल करो, दिखाओ अपना समर्थन...लेकिन गंदगी मत फैलाओ...क्या गंदगी मचा राखी है।'
निया शर्मा ने दिया ये जवाब...
देवोलीना के इन ट्वीट्स का जवाब देते हुए निया शर्मा ने लिखा, ‘दीदी को बता दो धरना और कैंडल मार्च नहीं कर सकते महामारी है अभी भी...और दीदी को अपने थकाऊ डांस रील्स बनाने से पहले और प्रैक्टिस करने की ज़रूरत है, जिसमें उन्हें लगता है कि वो कमाल कर रही हैं’।