निर्देशक कोना : डर पैदा करने वाले एक्शन पर विश्वास करते हैं ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ के निर्देशक, पढ़ें जस्टिन लिन के साथ ये खास बातचीत

अभिनेता विन डीजल के साथ ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’के निर्देशक जस्टिन लिन, Instagram : justinlin

हॉलीवुड फिल्म ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ फ्रेंचाइज की नौवीं फिल्म ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 9 द फास्ट सागा’ का ट्रेलर बीते दिनों रिलीज किया गया। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे जस्टिन लिन ने जूम कॉल पर खास बातचीत की स्मिता श्रीवास्तव के साथ...

Anand KashyapSun, 09 May 2021 01:23 PM (IST)

स्मिता श्रीवास्तव। हॉलीवुड फिल्म ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ फ्रेंचाइज की नौवीं फिल्म ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 9: द फास्ट सागा’ का ट्रेलर बीते दिनों रिलीज किया गया। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे जस्टिन लिन ने जूम कॉल पर खास बातचीत की स्मिता श्रीवास्तव के साथ...

आप पूरी दुनिया में इस फ्रेंचाइज की वजह से विख्यात हैं। क्या यह आपको उपलब्धि का बोध कराती है?

(मुस्कुराते हुए) जब भी हम सीरीज का अगला हिस्सा बनाते हैं तो हमें उसके लिए मेहनत करनी होती है। हम उसे हल्के में नहीं लेते हैं। बेशक इस सीरीज से उपलब्धि का बोध होता है। हॉलीवुड में यह दुर्लभ है कि आपका इस तरह का फैमिली कनेक्शन हो। इसमें हम सिर्फ ऑनस्क्रीन ही परिवार की बात नहीं करते बल्कि पर्दे के पीछे हम इसके साथ ग्रो करते हैं।

हर बार बढ़ती अपेक्षाओं के साथ नया एक्शन गढ़ना कितना चुनौतीपूर्ण होता है?

मैं हर नए चैप्टर के साथ कुछ चीजें सुनिश्चित करता हूं। हम सभी किरदारों का सम्मान करते हैं। जैसे सभी किरदार मैच्योर और इवॉल्व हो रहे हैं। हमें ऑर्गेनाइज रहते हुए एक्शन के लिए एक-दूसरे को चैलेंज करना होता है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रू के साथ काम कर रहा हूं। अगर मैं उनकी आंखों में भय देख सकता हूं तो मैं समझ जाता हूं कि हम कुछ बेहतरीन करने वाले हैं। ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 9’ की शूटिंग के दौरान मैंने कई बार उनकी आंखों में वह भय देखा था।

‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ की कास्टिंग में विविधता देखने को मिलती है। आपने कभी किसी भारतीय कलाकार को कास्ट करने के बारे में नहीं सोचा?

मेरा मानना है कि हमने काम के आधार पर ही कलाकार की कास्टिंग की। अलग-अलग देशों के कलाकारों को कास्ट करना कोई सोचा-समझा फैसला नहीं रहा। हम मौका देते हैं और कलाकार उसके लिए कोशिश करते हैं। हम उसमें सर्वश्रेष्ठ चुनते हैं। कई बार टाइमिंग मैच कर जाती है तो हम साथ में काम कर पाते हैं।

क्या आपने भारतीय फिल्में देखी हैं?

(मुस्कुराते हुए) मैंने कुछ भारतीय फिल्में देखी हैं। मुझे उनकी स्पिरिट बहुत अच्छी लगी है। मुझे लगता है कि पूरी दुनिया में सिनेमा सबसे यूनिक और क्रिएटिव दुनिया है। इसकी कोई सीमा नहीं है। मैं अपने अनुभव के आधार पर यह बात कह रहा हूं।

आपने लगातार एक ही फ्रेंचाइज की फिल्में बनाई हैं उसकी वजह से दूसरे जॉनर को एक्सप्लोर नहीं कर पा रहे हैं। क्या क्रिएटिव इंसान के तौर पर यह आपको सीमित करता है?

यह एक फ्रेंचाइज जरूर है, लेकिन हर बार फिल्म एक जैसी नहीं होती। यह भी दुर्लभ बात है कि मेरे पास यह फैमिली है, हम सब ने एकसाथ ग्रो किया है। यह मुझे अलग-अलग चीजें अलग अलग माध्यम में ट्राई करने का मौका देती है। मैं इस फ्रेंचाइज के साथ हमेशा जुड़े रहना चाहूंगा। मुझे इस पर हमेशा गर्व रहेगा। यह हर बार कुछ नया करने करने की चुनौती देती है।

आप इस फ्रेंचाइज में महिला किरदारों को कैसे देखते हैं?

इस फ्रेंचाइज से जुड़ने के दौरान कुछ चीजों के साथ मेरी निजी समस्याएं थीं। मुझे लगा कि बतौर फिल्ममेकर यह जरूरी है कि मुझे अपने हर किरदार से प्यार हो। इस बार मैं अपने महिला किरदारों को और ज्यादा एक्सप्लोर कर पाया हूं। मुझे लगता है कि हमारे महिला किरदार सशक्त किरदारों में शुमार हैं। मुझे उन पर गर्व है। वक्त के साथ महिला किरदार भी बदले हैं। मुझे नहीं लगता कि यह जानबूझकर किया गया। यह हमारी फिलॉसफी रही कि उसे कैसे शुरू करना है। खुशकिस्मती से हम उन किरदारों को बेहतर तरीके से आगे ले जा पाए। आप किरदारों को जिस तरह से देख रहे है वह भी विशिष्ट प्रक्रिया रही जिसे हमने विकसित किया।

आप कब फ्यूरियस (क्रोधित) हो जाते हैं?

(जोर का ठहाका मारते हुए) बीते साल भर मैं काफी फ्यूरियस रहा। हालांकि मैं भविष्य को लेकर आशान्वित हूं। मैं जो काम करता हूं उससे बेहद प्यार करता हूं। चीजों को बेहतर करने की कोशिश करता हूं। जब वैसा नहीं होता तो कई बार गुस्सा आ जाता है। 

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