Raj Kundra की पुलिस कस्टडी अदालत ने 27 जुलाई तक बढ़ाई, अश्लील वीडियो की कमाई सट्टे में लगाने का शक़

मुंबई पुलिस राज की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की गुज़ारिश न्यायालय से कर सकती है और ऐसा करने की वजह बतायी जा रही है राज का पुलिस के साथ असहयोग। बता दें सोमवार देर रात क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा को गिरफ़्तार कर लिया था।

Manoj VashisthFri, 23 Jul 2021 01:22 PM (IST)
Raj Kundra with Police officers. Photo- screenshot

नई दिल्ली, जेएनएन। अश्लील वीडियो बनाने और इसका कारोबार करने का आरोपी राज कुंद्रा और रायन थॉर्पे की पुलिस कस्टडी अदालत ने चार दिन और बढ़ा दी है। उन्हें 27 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। बता दें, गिरफ़्तारी के बाद राज कुंद्रा को अदालत ने पहले तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था, जो आज यानी शुक्रवार को ख़त्म हो गयी। मुंबई पुलिस ने आगे की जांच के लिए सात दिनों की कस्टडी और मांगी थी। 

मुंबई पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को कुंद्रा और थॉर्पे को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। सात दिनों की कस्टडी मांगने के पीछे पुलिस ने बताया कि उन्हें शक़ है, अश्लील फ़िल्म कारोबार से जो कमाई की गयी थी, उसे कुंद्रा ने ऑनलाइन बेटिंग में लगाया है। राज कुंद्रा के यस बैंक के एकाउंट और यूनाइटेड बैंक ऑफ़ अफ्रीका एकाउंट के बीच हुए ट्रांजेक्शन की जांच पुलिस करना चाहती है। इस पर अदालत ने राज और रायन को 27 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

बता दें सोमवार देर रात क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा को गिरफ़्तार कर लिया था। उन पर अश्लील वीडियो बनाकर ऐप के ज़रिए प्रसारित करने और इसका कारोबार करने के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस ने एक और आरोपी रायन थॉर्पे को भी पकड़ा था। 

मेडिकल जांच के बाद राज को पुलिस कमिश्नर के ऑफ़िस ले जाया गया था और मंगलवार दोपहर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज गिया गया। शुक्रवार को राज को जेल से अदालत ले जाने का वीडियो बॉलीवु़ड फोटोग्राफर वीरल ने पोस्ट किया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि राज उन्हीं कपड़ों में हैं, जो उन्होंने गिरफ़्तारी के वक़्त पहने थे। 

मंगलवार की पेशी के दौरान राज कुंद्रा के वकील ने कोर्ट से कहा था कि उनके मुवक्किल की ओर से बनाई गई फिल्मों को कामोत्तेजक कहना गलत होगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार, वकील ने कोर्ट से कहा है कि राज कुंद्रा और रायन थॉर्पे की ओर से बनाई गई फिल्मों को एडल्ट कहना सही नहीं है। इनकी फिल्मों को अभद्र कहा जा सकता है, लेकिन कामोत्तेजक नहीं। राज कुंद्रा के वकील ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से अश्लील कंटेंट भेजने पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 ए के आवेदन पर भी आपत्ति जताई है। वकील ने आगे कहा है कि पुलिस इन दिनों जिन वेब शो की जांच कर रही उसको अश्लील कंटेंट बता रही है, जबकि इसे एडल्ट कंटेंट में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।

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