एमएफ हुसैन पेंटिंग के जादूगर, भारत के पिकासो और माधुरी के सबसे बड़े दीवाने

नई दिल्ली, जेएनएन। MF Hussain Birth Anniversary: आज मकबूल फिदा हुसैन यानी एमएफ हुसैन का जन्मदिवस है। 17 सितंबर, 1915 में महाराष्ट्र के पंढरपुर में एक मुस्लिम परिवार में जन्में हुसैन ने अपनी पेंटिंग के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाई। कला के शिखर तक पहुंचे। साथ ही विवादों से भी उनका गहरा नाता रहा। पर निर्विवादित रूप से वह महान कलाकार थे। आज उनके जन्मदिवस के मौके पर उनके जीवन, कला और खूबसूरती के प्रति उनकी दीवानगी को याद करते हैं।

संघर्ष और सपना
हुसैन मशहूर पेंटर बनने से पहले फिल्मों के लिए होल्डिंग और बच्चों के खिलौने बनाया करते थे। वे कभी जूते चप्पल नहीं पहनते थे। हमेशा नंगे पांव रहते थे। एमएफ हुसैन फिल्मों में निर्देशक बनना चाहते थे, इसलिए मुंबई चले आए। मुंबई में वह बिलबोर्ड बनाने लगे। फिल्मों में काम नहीं मिला, लेकिन पेंटिंग से पहचान बन गई। 1940 आते-आते उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर के पेंटर बन गए। उन्हें साल 1973 में पद्म भूषण और साल 1991 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

विवाद और देश छोड़ने को मजबूर हुए
तथाकथित रूप से हिंदू देवी देवताओं के अश्लील चित्र बनाने के कारण हुसैन विवादों में फंस गए। 2006 में उनके खिलाफ खूब प्रदर्शन हुए और फिर उन्हें देश छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। वह लंदन, दोहा और कतर में रहे। 9 जून 2011 को उनकी मृत्यु हो गई। 

माधुरी की खूबसूरती के प्रेमी

एमएफ हुसैन माधुरी दीक्षित के बहुत बड़े प्रशंसक थे। 85 साल के उम्र में उन्होंने माधुरी के साथ 'गजगामिनी' बनाई। इसके बाद उन्होंने तब्बू के साथ 'मीनाक्षी: अ टेल ऑफ थ्री सिटीज' फिल्म बनाई थी। हुसैन तब्बू, विद्या बालन और अमृता राव के भी प्रशंसक रहे हैं। 

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