Javed Akhtar ने तालिबान से की थी आरएसएस की तुलना, अब कोर्ट ने लेखक को भेजा कारण बताओ नोटिस

फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लेखक जावेद अख्तर अपनी बेबाक बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। जावेद अख्तर किसी भी मुद्दे पर अपनी बात बड़ी बेबाकी से रखते हैं इस वजह से कई बार उन्हें परेशानियों का सामना भी करना पड़ जाता है।

Nazneen AhmedTue, 28 Sep 2021 01:18 PM (IST)
Photo credit - Shabana Azmir Insta Account Photo

नई दिल्ली, जेएनएन। फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने लेखक जावेद अख्तर अपनी बेबाक बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। जावेद अख्तर किसी भी मुद्दे पर अपनी बात बड़ी बेबाकी से रखते हैं, इस वजह से कई बार उन्हें परेशानियों का सामना भी करना पड़ जाता है। लेकिन लेखक अपनी बात कहने से कभी नहीं चूकते हैं। अब हाल ही में जावेद अख्तर अपने एक बयान के चलते कानूनी पचड़े में फंस गए हैं।

दरअसल, कुछ समय पहले जावेद अख्तर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना कथित रूप से तालिबान से की थी। जावेद के इस बयान पर काफी हंगामा भी हुआ था। वहीं इस मामले में अब आरएसएस कार्यकर्ता विवेक चंपानेरकर ने जावेद अख्तर के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। विवेक चंपानेरकर ने ये केस मुंबई के ठाणे कोर्ट में दायर किया है जिसके बाद कोर्ट ने लेखक को नोटिस भेजा है साथ ही उन्हें अगली सुनवाई पर यानी 12 नवंबर को कोर्ट में हाज़िर होने के लिए कहा है।

आपको बता दें कि फिल्म कहानीकार और गीतकार जावेद अख्तर ने एक टीवी शो के दौरान तालिबान से आरएसएस की तुलना की थी। जावेद अख्तर ने कहा था, ‘जैसे तालिबान अफगानिस्तान को इस्लामी राष्ट्र बनाना चाहता है उसी तरह आरएसएस भी हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहा है’। बताते चलें कि अफगानिस्तान पर तालिबानियों के कब्ज़े के बाद से जावेद अख्तर लगातार तालिबान की आलोचना कर रहे हैं और बयान दे रहे हैं।

कुछ दिन पहले जावेद ने तालिबानियों के महिलाओं को लेकर नज़रिए पर बयान दिया था। जावेद अख्तर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, 'अल जजीरा ने बताया है कि काबुल के मेयर ने फरमान जारी किया है कि सभी कामकाजी महिलाएं घर पर ही रहेंगी, मैं उम्मीद करता हूं कि सभी इस्लामिक संगठनों को इसका विरोध करना चाहिए, क्योंकि यह उनके धर्म के नाम पर किया जा रहा है। वह लोग कहां गायब हैं जो कल तक 3 तलाक के विरोध में चिल्ला रहे थे।'

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