Happy Birthday: किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है संजय दत्त की जिंदगी, इन विवादों और उतार-चढ़ाव से गुजरे संजू बाबा

संजय दत्त की जिंदगी उनकी फिल्मों की तरह रही है जिसमें कई उतार-चढ़ाव देने को मिलते हैं। कभी खुद गलती कर बैठे तो कभी हालात ने मजबूर किया। संजय दत्त की जिंदगी का कोई ऐसा दौर नहीं जब परेशानियों ने इनका पीछा छोड़ा हो।

Anand KashyapWed, 28 Jul 2021 04:41 PM (IST)
पत्नी मान्यता दत्त के साथ बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त, तस्वीर- Instagram: duttsanjay

नई दिल्ली, जेएनएन। बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर अभिनेता संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नर्गिस के घर में हुआ था। संजय दत्त भी अपने माता-पिता की तरह के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं। संजय दत्त की जिंदगी उनकी फिल्मों की तरह रही है, जिसमें कई उतार-चढ़ाव देने को मिलते हैं। कभी खुद गलती कर बैठे तो कभी हालात ने मजबूर किया। संजय दत्त की जिंदगी का कोई ऐसा दौर नहीं, जब परेशानियों ने इनका पीछा छोड़ा हो।

बड़े पर्दे पर अपने अभिनय से करोड़ों दिलों को जीतने वाला जिंदगी के कई बुरे दौर से गुजरे हैं। 1981 में रॉकी फिल्म से बड़े पर्दे पर करियर शुरू करने वाले संजू बाबा के बुरे दौर की शुरुआत भी तभी से हो गई थी। उनकी पहली फिल्म के प्रीमियर से ठीक तीन दिन पहले उनकी मां और मशहूर अभिनेत्री नर्गिस दुनिया को छोड़कर चली गईं। इसके बाद अगले साल ड्रग्स लेने की वजह से पांच महीने की जेल और अमेरिका के नशा मुक्ति केंद्र में दो साल रहकर ड्रग्स से पीछा छुड़ाने के बाद वापस लौटकर बॉलीवुड में वापसी की।

इसके बाद संजय दत्त को खुद से उम्र में बड़ी ऋचा शर्मा से प्यार हुआ और शादी भी हो गई। लेकिन संजय जब तक ऋचा के साथ को ठीक से महसूस कर पाते, उन्हें पत्‍‌नी के ब्रेन कैंसर की खबर ने अंदर से झकझोर दिया। संजय दत्त के फिल्मी करियर का ग्राफ बेशक तेजी से चढ़ता गया, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में ठहराव नहीं आया। उस समय संजय दत्त ने साजन, सड़क और खलनायक जैसी सुपरहिट फिल्में कीं।

1993 से तो संजय दत्त की जिंदगी का कभी न भूल पाने वाला साल बन गया, जब मुंबई बम धमाकों की जांच के दौरान संजय दत्त पर हथियार रखने का आरोप लगा। 16 महीने की जेल काटी और लगभग 20 साल तक अदालतों के चक्कर काटने के बाद जेल पहुंच गए। फिल्म मुन्नाभाई करने के बाद संजय दत्त की बैड ब्वॉय की इमेज भी बदलने लगी। यह फिल्म सही मायनों में उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इसी फिल्म के सीक्वल लगे रहो मुन्नाभाई से उनके करियर को और बुलंदी मिली।

अग्निपथ के रीमेक में विलेन के रूप में कांचा की भूमिका को निभाकर उन्होंने एक्टिंग के मायने ही बदल दिए। इस बीच मान्यता से शादी के बाद वो थोड़े अनुशासित हुए। दो बच्चों के पिता बनने के बाद लगा कि अब उनके जीवन में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पिछले साल संजय दत्त को फिर से मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने खुद के कैंसर के बारे में अपने चाहने वालों को बताया। हालांकि अब संजय दत्त पूरी तरह से ठीक और अपनी जिंदगी का आनंद ले रहे हैं।  

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