प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा... शराब पीते हुए राज कपूर ने प्रेम चोपड़ा को कहा था ये डायलॉग बोलने को, पढ़ें से खास किस्सा

बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर अभिनेता प्रेम चोपड़ा आज अपना 86वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रेम चोपड़ा ने हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक अपने विलेन किरदारों से हमेशा दर्शकों के दिलों को जीता है। प्रेम चोपड़ा अपने खतरनाक विलने किरदार की वजह से चर्चा में भी रहे हैं।

Anand KashyapThu, 23 Sep 2021 02:14 PM (IST)
बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर अभिनेता प्रेम चोपड़ा, तस्वीर, Instagram: moe_indiyskoe_kino

नई दिल्ली, जेएनएन। बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर अभिनेता प्रेम चोपड़ा आज अपना 86वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रेम चोपड़ा ने हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक अपने विलेन किरदारों से हमेशा दर्शकों के दिलों को जीता है। प्रेम चोपड़ा अपने खतरनाक विलने किरदार की वजह से चर्चा में भी रहे हैं। जन्मदिन के मौके पर उन्होंने अपने करियर से जुड़ा एक खास किस्सा याद किया है।

प्रेम चोपड़ा ने राज कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म बॉबी में डायलॉग बोलता था- प्रेम नाम है मेरा, मेरा चोपड़ा'। उनके इस डायलॉग ने प्रेम चोपड़ा को रातों-रात मशहूर कर दिया है। प्रेम चोपड़ा ने अपने जन्मदिन के मौके पर अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने फिल्मी करियर से जुड़ी कई बातों और किस्सों को साझा किया। फिल्म बॉबी में अपने विलेन किरदार को लेकर प्रेम चोपड़ा ने कहा कि वह एक सहायक भूमिका निभाने के बारे में तैयार नहीं थे, और मुख्य भूमिकाओं को लेकर अपनी बढ़ती लोकप्रियता बढ़ाना चाहते थे। लेकिन राज कपूर ने फिल्म में विलेन का किरदार करने के उनसे कहा, 'मुझे परवाह नहीं है, आपको यह करना होगा।'

बॉबी फिल्म में अपने मशहूर डायलॉग से जुड़े किस्से को याद करते हुए प्रेम चोपड़ा ने कहा, राज कपूर जी को शराब पीना बहुत पसंद था और एक दिन हम साथ बैठे। मैं उनसे स्क्रिप्ट देने के लिए कहता रहा ताकि मैं अपने डायलॉग्स सीख सकूं। आखिर यह राज कपूर की फिल्म थी! लेकिन उन्होंने बस इतना कहना था किे 'बताएंगे बताएंगे, फुर्सत से'। राज कपूर ने फिल्म की कहानी के बारे में मुझे केवल इतना बताया कि फिल्म में एक युवा जोड़ा भाग गया है और मुझे उन्हें पकड़ना है। मुझे कहना होगा 'प्रेम नाम है मेरा... प्रेम चोपड़ा'।

दिग्गज अभिनेता ने आगे कहा, 'जब मैंने पहली बार यह डायलॉग सुना तो यह अजीब नहीं लगा। शूटिंग के दौरान, मैं प्रेम नाथ से मिला और उनसे कहा कि मैं अपने किरदार से नाखुश हूं। वहीं उनकी सलाह थी कि मैं उस किरदार को करूं और राज कपूर पर विश्वास करूं। उन्हें यकीन था कि फिल्म बड़ी हिट होगी। उनके प्रोत्साहन से मैंने अपनी पूरी क्षमता से किरदार किया और डायलॉग सफल हुआ। आज भी मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं लोग या तो उस डायलॉग से मेरा परिचय करवाते हैं या चाहते हैं कि मैं कहूं। यह मेरे दिल के इतने करीब है कि मेरी किताब का नाम भी है प्रेम नाम है मेरा... प्रेम चोपड़ा।'

आपको बता दें कि प्रेम चोपड़ा का जन्म 23 सितंबर 1935 को लाहौर में हुआ था। उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर बड़े पर्दे पर अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं। प्रेम चोपड़ा ने शहीद, उपकार, पूरब और पश्चिम, दो रास्ते, कटी पतंग, दो अनजाने, जादू टोना, काला सोना, दोस्ताना, क्रांति, फूल बने अंगारे जैसी फिल्मों में काम किया है, जिनके लिए वो हमेशा याद किए जाएंगे।  

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.