Pulwama Terror Attack: बहुत हुई पाकिस्तान से एकतरफ़ा मोहब्बत, अब हिसाब का टाइम!

मुंबई। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफ़िले पर आत्मघाती हमले की देशभर में भर्त्सना की जा रही है। इस कायराना हमले में 44 जवान शहीद हुए हैं, जबकि इतने ही घायल भी हुए हैं। इन आतंकी हमलों ने पूरे देश के साथ भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री को भी झकझोर दिया है।

इस घटना की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है, जिसे पाकिस्तान की सरपरस्ती हासिल है। यही वजह है कि पूरे देश में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भी काफ़ी रोष व्याप्त है। कलाकार और फ़िल्मकार आतंकी घटना की पुरज़ोर मज़म्मत करने के साथ बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। मगर, हैरत की बात यह है कि बॉलीवुड फ़िल्मों में काम करके अपना बैंक बैलेंस मज़बूत करने वाले एक भी पाक फ़िल्म एक्टर ने पुलवामा हमले की निंदा में एक लफ़्ज़ नहीं लिखा या कहा है।

भारत में हुई आतंकी वारदात पर चुप्पी साधना पाकिस्तानी कलाकारों की सियासी मजबूरी हो सकती है, मगर मानवता के हक़ में तो मज़म्मत करने का दम दिखा ही सकते हैं? इस पर वरिष्ठ फ़िल्म पत्रकार रामचंद्रन श्रीनिवासन कहते हैं कि पाकिस्तानी कलाकार भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री में सिर्फ़ नाम और दाम के लिए आते हैं, किसी जज़्बात की वजह से नहीं। अपने करियर में कई पाकिस्तानी कलाकारों से मिल चुके रामचंद्रन साफ़ कहते हैं कि हमारी मोहब्बत पाक मोहब्बत है, उनकी ख़ाक मोहब्बत है। 

फ़वाद और इमरान के सोशल मीडिया एकाउंट्स जांचने पर पता चला कि पुलवामा आतंकी अटैक को लेकर कोई ट्वीट नहीं किया है।  शाह रुख़ ख़ान की फ़िल्म रईस से बॉलीवुड में पारी शुरू करने वाली एक्ट्रेस माहिरा ख़ान का ट्वीटर एकाउंट इस जघन्य घटना पर ख़ामोश है। श्रीदेवी की फ़िल्म मॉम में उनकी बेटी का रोल निभाने वाली सजल अली ने भी आतंकी घटना के ख़िलाफ़ एक शब्द नहीं लिखा है। इरफ़ान ख़ान की फ़िल्म हिंदी मीडियम में लीड रोल निभाने वाली सबा क़मर के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर इस आतंकी घटना को लेकर कोई कमेंट नहीं है। अली ज़फ़र ने बॉलीवुड की कई फ़िल्मों में काम किया, मगर इस घटना को लेकर ज़फ़र की तरफ़ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी। हिंदी फ़िल्मों में अपनी आवाज़ देने वाले सिंगर आतिफ़ असलम और राहत फतेह अली ख़ान तक ने पुलवामा को लेकर कुछ नहीं कहा, जबकि भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री से इन दोनों को काफ़ी काम मिलता है।

आपको याद होगा कि 2016 में उरी में आतंकी हमले के बाद हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। बदले में पाकिस्तान ने भारतीय फ़िल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी, जो अगले कई महीनों तक जारी रही थी। उस साल रिलीज़ हुई करण जौहर की फ़िल्म ऐ दिल है मुश्किल पाकिस्तानी एक्टर्स फ़वाद ख़ान और इमरान अब्बास कैमियो में थे।

हमलों के बाद जब हंगामा बढ़ा तो फ़िल्म रिलीज़ करने के लिए करण को फ़वाद के सीन काटने पड़े। हालांकि इमरान के सीन अपेक्षाकृत कम थे, लिहाज़ा उनके दृश्य अप्रभावित रहे थे। फ़वाद ने ख़ूबसूरत से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वहीं, इमरान ने भट्ट कैंप की फ़िल्म क्रीचर के बॉलीवुड पारी शुरू की थी।

pic.twitter.com/p8XdP6xKeQ

— Mahesh Bhatt (@MaheshNBhatt) February 15, 2019

उरी अटैक के वक़्त भी किसी पाक कलाकार ने आतंकी हमलों के ख़िलाफ़ अपना मुंह नहीं खोला। बस फ़वाद ख़ान ने हमले के कुछ दिन बाद फेसबुक पर एक नोट लिखकर घटना की निंदा की थी, वो भी बहुत बचते-बचाते। 

जानकार मानते हैं कि ऐसे हालात में पाकिस्तान में भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री के साथ सभी संबंध ख़त्म होने चाहिए। अपनी फ़िल्मों को वहां रिलीज़ करने का लालच भी छोड़ना होगा।

पुलवामा आतंकी हमलों के बाद भारतीय फ़िल्म कलाकार भी पाकिस्तानी कला जगत को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि मोहब्बत एकतरफ़ा नहीं हो चल सकती। इसीलिए वेटरन राइटर जावेद अख़्तर और एक्ट्रेस शबाना आज़मी ने कराची आर्ट काउंसिल की तरफ़ से कैफ़ी आज़मी के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम रद्द कर दिया है, जिस पर पाकिस्तान की एक पत्रकार ने इसे शर्मनाक बताते हुए जावेद से पूछा कि इसमें कला से जुड़े लोगों का क्या दोष है। जावेद अख़्तर ने जवाब दिया कि उनसे अपसेट होने के बजाय उन्हें अपने हुक्मरानों से पूछना चाहिए, जो मसूद अज़हर जैसे आतंकियों को संरक्षण दे रहे हैं और उन्हें पाल पोस रहे हैं। जिन्होंने मेरे शहर में क़साब को भेजा। अगर आपकी छवि इतनी बिगड़ चुकी है तो उसके लिए वे लोग ही ज़िम्मेदार हैं, कोई और नहीं।

Karachi. It’s a shame. Karachi or the art-loving people in it are not responsible for what happened in #Pulawama#GivePeaceAChance https://t.co/cwlQq5emPJ

— Mahwash Ajaz (@mahwashajaz_)  February 15, 2019

Dont get upset with me. talk to those who are running your country , who are protecting and nurturing terrorists like Masood Azhar . Those who had sent Qasab to my city . If you are getting a terrible reputation they are responsible no one else .

— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu)  February 15, 2019

पाकिस्तानी मूल के सिंगर और म्यूज़िशियन अदनान सामी ने कुछ साल पहले भारतीय नागरिकता ग्रहण की है। उन्होंने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। अदनान ने लिखा है- आज की सबसे हिला देने वाली ख़बर पुलवामा अटैक है। मेरा दिल हमारे बहादुर सिपाहियों के साथ है, जिन्होंने इस जघन्य हमले में अपनी जान दे दी। 

One of the most shocking & terrifying news today was the #Pulwama terror attack...My heart goes out to all the families of our brave soldiers who lost their lives in this horrific & barbaric terrorist attack.

— Adnan Sami (@AdnanSamiLive)  February 14, 2019

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर उठाये गये यह क़दम-

अजय देवगन की फ़िल्म टोटल धमाल 22 फरवरी को रिलीज़ हो रही है, मगर अब यह पाकिस्तान में रिलीज़ नहीं होगी।  सलमान ख़ान निर्मित नोटबुक से पाकिस्तानी सिंगर आतिफ़ असलम के गाने हटा दिये गये हैं। टी सीरीज़ ने आतिफ़ की सिंगल बारिशें यू- ट्यूब से हटा दिया है।  ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने पाकिस्तानी कलाकारों पर ब्लैंकेट बैन लगा दिया है। 

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