AAP ने सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले को बनाया प्रत्‍याशी

श्रीकरणपुर [ संदीप सिंह धामू ]। पंजाबी आबोहवा की वजह से राजस्थान में विशेष पहचान रखने वाले श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र से अभी तक दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा में उम्मीदवार घोषित करने को लेकर उहापोह की स्थिति है। श्रीगंगानर जिले के छह में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में से पांच में भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। श्रीकरणपुर को लेकर दोनों पार्टियों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले प्रहलाद राय छाबड़ा को टिकट देकर प्रमुख दलों को चौका दिया है। कांग्रेस से टिकट मिले बगैर ही पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर ने नामांकन दाखिल कर दबाव बनाने का संकेत दिया है।

श्रीकरणपुर से वर्तमान विधायक और खनन राज्य मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी भाजपा की टिकट के प्रमुख दावेदार हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर दावेदार हैं। इन दोनों प्रत्याशियों में दो प्रमुख समानताएं हैं। पहले, दोनों 1998 से वर्ष 2013 तक आमने सामने चार चुनाव लड़े चुके हैं। पुराने प्रतिद्वंद्वी हैं। दोनों की पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं में अच्छी पैठ है। दूसरा, दोनों को प्रत्याशी बनाए जाने पर पार्टियों में इनकी विरोधी लॉबी की तरफ से प्रबल विरोध होने की संभावना है। सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के खिलाफ भाजपा का एक पक्ष एकजुट है।

इस बार भाजपा ने इस बार तीन सीटों अनूपगढ़, सूरतगढ़, सादुलशहर से सीटिंग विधायकों के टिकट काट कर उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया है। श्रीगंगानगर सीट पर भी दो  बार चुनाव लड़े पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर का टिकट काट कर उनकी जगह फ्रेशर विनीता आहूजा को मैदान में उतारा है। सिर्फ रायसिंहनगर में बलवीर सिंह लूथरा पर पार्टी ने दोबारा दांव खेला है। कांग्रेस ने अब तक घोषित पांच में से चार प्रत्याशियों में से नए चेहरों को मौका दिया है। सिर्फ सादुलशह से ही पिछले बार चुनाव लड़े जगदीशचंद्र जांगिड़ को प्रत्याशी बनाया है।

सत्ता हासिल करने के लिए नए चेहरों से उम्मीद

राजस्थान में अंतिम बार 1990 और उसके बाद 1993 में हुए मध्यावधि चुनाव में भाजपा दोबारा सत्ता में आई। इसके बाद 1998, 2003, 2008 और 2013 में सत्ता बदलती रही। राज्‍य में सत्ताधारी दल के रिपीट नहीं होने का ट्रेंड रहा है। अब इस पॉलिटीकल ट्रेंड को बदल कर रिपीट होने के लिए भाजपा ने 'ए' चेहरों पर दांव लगाने का फार्मूला अपनाया है। वहीं कांग्रेस भी नए के सहारे नैय्या पार लगाने की मशक्कत में है। दोनों पार्टियों की इसी सोच के चलते श्रीकरणपुर से दोनों पार्टियों की ओर से उम्मीदवार बदले जानने राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।

हालांकि, कुन्नर टिकट घोषित होने से पहले ही नामांकन दाखिल करने की वजह शुभ मुहूर्त बता रहे हैं। इससे पहले कुन्नर वर्ष 2008 में टिकट न मिलने पर बागी होकर निर्दलीय प्रत्‍याशी के तौर चुनाव जीत चुके हैं। इससे उनकी राजनीतिक प्रवृत्ति को देखते हुए सियासी गलियारों में कानाफूसी चल रही है कि कुन्नर की ओर से नामांकन दाखिल कर चुनावी रणभेरी बजाने का संकेत दे दिया है।

छाबड़ा ने सब्जी विक्रेताओं से शुरू किया जनसंपर्क 

श्रीकरणपुर से आप के प्रत्याशी प्रहलाद राय छाबड़ा ने अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत रेहड़ी पर सब्जी बेचने वालों से किया है। छाबड़ा सब्जी की रेहड़ी लगाते हैं। इससे पहले वे 1990-91 में भाजपा वार्ड समिति के सदस्य बने थे। छाबड़ा के अनुसार तब आर्थिक हालत खस्ता होने की वजह से उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ दी। फिर अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन से जुड़ गए। इसके बाद बाद आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। छाबड़ा ने स्‍नाातक किया है। 15 अक्टूबर को आप ने छाबड़ा को अपना प्रत्याशी घोषित किया।

 

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