धनीपुर मंडी में रखी गईं अलीगढ़ जिले की सात विधानसभाओं क्षेत्रों की ईवीएम

अलीगढ़ (जेएनएन)। जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम मतदान के बाद धनीपुर मंडी में रखी गई हैं। शुक्रवार को सील की गईं। यहां सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। ईवीएम जमा कराने के लिए गुरुवार की देर रात तक  पोलिंग पार्टियां यहां मौजूद रहीं। इस दौरान जीटी रोड पर एटा चुंगी से लेकर बौनेर तक पांच किमी लंबा जाम लग गया है। ऐसे में कार्मिक तीन-तीन किमी पैदल चलकर ईवीएम लेकर मंडी पहुंच गए। देर रात तक ईवीएम जमा करने को लेकर काफी हंगामा भी हुआ।

मंडी में बनाए गए स्ट्रांग रूम

जिले की सात विधानसभाओं की ईवीएम के लिए हर बार धनीपुर मंडी में स्ट्रांग रूम बनाए जाते हैं। इस बार यहां ही यह व्यवस्था की गई। सभी विधानसभाओं की ईवीएम जमा करने के लिए पहले ही टेबिल बना ली गई हैं। गुरुवार को शाम छह बजे जैसे ही मतदान खत्म हुआ, वैसे ही शहर की पोलिंग पार्टियां पहुंचने लगी। शाम सात बजे से मंडी के बाहर भीड़ लगनी शुरू हो गई। फिर देहात से भी वाहन आने लगे। ऐसे में रात नौ बजे तक जाम लग गया। एटा चुंगी से लेकर बौनेर तक पूरा रास्ता बंद हो गया। ऐसे में कार्मिक फिर वाहनों से उतर कर ईवीएम लेकर पैदल-पैदल ही मंडी पहुंचने लगे। अधिकांश कार्मिकों ने कई-कई किमी का लंबा सफर तय किया। यहां ईवीएम जमा करने को लेकर काफी मारामारी हुई। हालंाकि, देर रात तक सभी कर्मचारियों से ईवीएम ले ली गईं। पैसे न देने पर हंगामा : प्रशासन ने कार्मिकों के अलावा 10 फीसद रिजर्व कर्मचारी भी रखे थे, लेकिन इन्हें मतदान का मानदेय नहीं दिया गया। ऐसे में इन्होंने कोल तहसील में हंगामा भी किया।

करना था मतदान, धरे रह गए अरमान

मतदान को लेकर लोगों में जिस तरह का उत्साह देखने को मिला, उसी तरह बड़ी संख्या में लोग अपने अधिकार से वंचित भी रह गए। शहर से लेकर देहात तक हजारों लोगों के मतदाता सूची में नाम होने से मतदान करने के अरमान धरे गए। इसे लेकर कई जगह हंगामा भी हुआ। कंट्रोल में शिकायत की, लेकिन फिर भी कोई समाधान नहीं निकल गए। दर्जनों लोग दिल्ली, नोएडा समेत अन्य दूसरे शहरों से भी वोट डालने पहुंचे थे, लेकिन मायूस होकर लौट गए।

सूची में नहीं थे नाम

डीएस कॉलेज मतदान केंद्र पर रवि कुमार दोपहर दो बजे करीब मतदान करने पहुंचे, लेकिन सूची में नाम नहीं था। घंटर चौक स्थित संस्कृति कन्या पाठशाला में वोट डालने पहुंचे, उनका वोट नहीं था। डीएस कॉलेज के छात्र नेता आदित्य पंडित भी अपने बूथ पर वोट डालने गए, लेकिन वोट नहीं होने से मायूस होकर लौट आए। एटा चुंगी निवासी शैलेंद्र का भी वोट नहीं आया। रामघाट रोड पर एसएमबी इंटर कॉलेज में राम सिंह, पवन भी सूची में नाम न होने से वोट नहीं डाल सके। इसके अलावा कई भाजपा नेताओं के भी वोट नहीं आए।

पुरुष का नाम, महिला का फोटो

नाम काटने के साथ अन्य तरह की भी तमाम गलतियां सामने आईं। डीएस कॉलेज में बने एक बूथ पर विजय कुमार के नाम के मतदाता की पर्ची पर किसी का महिला का फोटो लगा दिया गया। वे पर्ची के लेकर बूथ पर पहुंचे तो वापस कर दिया गया। बाद में अन्य पहचान पत्र से वोट पड़ गया।  

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