Jharkhand Assembly Election 2019: दिलचस्प होगी पूर्व नक्सली और पूर्व मंत्री की जंग

रांची, राज्य ब्यूरो। तमाड़ का चुनावी रण रोचक है। यहां तीन ऐसे प्रत्याशी हैं, जो एक-दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़े हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा से विकास सिंह मुंडा के पिता रमेश सिंह मुंडा की हत्या का आरोप कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के दस्ते पर है और एनआइए के अनुसंधान में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। तमाड़ के मैदान में जेल में बंद कुंदन पाहन भी उतर चुके हैं।

तीसरे प्रत्याशी गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर, जिनपर आरोप है कि उन्होंने ही कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के सहयोग से तत्कालीन विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या करवा दी थी। कुंदन पाहन दस्ते के सहयोग से ही वे विधायक बने और रोचक मुकाबले में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को हराया। यह खुलासा एनआइए के हाथों विधायक हत्याकांड में गिरफ्तार कुंदन पाहन दस्ते के सहयोगी भजोहरी सिंह मुंडा ने जांच एजेंसी की पूछताछ में किया था।

अब तमाड़ का सीन कुछ और होने जा रहा है। जिसके सहयोग से राजा पीटर तमाड़ का चुनाव जीते थे, अब उसी से दो-दो हाथ की तैयारी में हैं। विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या के मामले में दोनों ही प्रत्याशी (राजा पीटर व कुंदन पाहन) जेल में बंद हैं। वे एनआइए कोर्ट में चार्जशीटेड भी हैं। आत्मसमर्पण कर चुके कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन को पहले झारखंड पार्टी ने प्रत्याशी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उसे समर्थन नहीं देने की घोषणा की गई।

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