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Jharkhand Assembly Election 2019: किसानों की कर्ज माफी और OBC को 27% आरक्षण की धुन में रमे राहुल गांधी

Jharkhand Assembly Election 2019: किसानों की कर्ज माफी और OBC को 27% आरक्षण की धुन में रमे राहुल गांधी
Publish Date:Mon, 09 Dec 2019 08:26 PM (IST) Author: Sujeet Kumar Suman

रांची, [ब्रजेश मिश्रा]। Jharkhand Assembly Election 2019 - झारखंड में खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक खूबसूरती होने के बाद भी यहां के लोग गरीब हैं। गरीबों की जमीन छीनी जा रही है। उनके गाढ़े पसीने की कमाई प्रधानमंत्री मोदी अडाणी-अंबानी जैसे अपने उद्योगपति मित्रों के हवाले कर देते हैं। भाजपा सरकार को गरीबों से ज्यादा अपने कॉरपोरेट मित्रों की चिंता है। आरोप लगाया कि पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को इन्हीं दो-तीन लोगों के हाथों में दिया जा रहा है। देश की पब्लिक सेक्टर की बड़ी तेल कंपनी का सौदा 50 हजार करोड़ रुपये में किया जा रहा है। यह बातें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कही।

वह सोमवार को रांची के बीआइटी मेसरा में कांग्रेस की चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनती है तो छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राज्य का विकास होगा। उन्होंने कहा कि देश के 15 अमीर लोगों का तीन लाख 50 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया गया, लेकिन किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ। छोटे दुकानदारों की मदद नहीं हुई। सेल कंपनियों का 60 हजार करोड़ माफ किया गया। फैक्ट्रियां बंद हो गईं। नोटबंदी से लोग परेशान हुए। इतना ही नहीं जीएसटी यानी गब्बर सिंह टैक्स ने देश के छोटे व्यवसाय को खत्म कर दिया। प्याज की कीमत बढ़कर आज 200 रुपये किले तक पहुंच गई है। 

अपने संबोधन के दौरान राहुल ने वादों की झड़ी लगाई और भाजपा को जमकर कोसा। छत्तीसगढ़ की तरह राज्य में ओबीसी को 27 फीसद आरक्षण देने को प्राथमिकता बताई। बोले- आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन की रक्षा की जाएगी। किसानों का कर्ज माफ होगा। उन्हें फसल की सही कीमत मिलेगी। धान के क्रय की दर 1300 से बढ़ाकर 2500 की जाएगी। हर घर में एक व्यक्तिको सरकारी नौकरी मिलेगी। सरकारी नौकरियों की रिक्तियां भरी जाएंगी। नौकरी नहीं मिलने पर सरकार भत्ता देगी।

लड़ाकर खुद को बताते देशभक्त, प्याज पर भी तंज

राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाने साधते हुए कहा, हमारी सरकारें गरीबों, दलितों व आदिवासियों के लिए काम करती हैं, जबकि नरेंद्र मोदी लड़ाने की राजनीति करते हैं। कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर, कभी प्रदेश के नाम पर। विलगाव की राजनीति करने के बाद भी कहते हैं कि वह देशभक्त हैं। आगे कहा, प्याज के सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि मैं लहसुन, प्याज नहीं खाती।

आप क्या खाती हैं, आपसे किसने पूछा। आपको जो खाना है खाओ, देश की वित्त मंत्री हो, देश को यह समझाओ कि 45 वर्ष में सबसे ज्यादा बेरोजगारी हिंदुस्तान में क्यों है। देश को समझाओ कि किसान आत्महत्या क्यों कर रहे।  पीएम और सीएम को एक साथ निशाने पर लेते हुए कहा, झारखंड के सीएम के साथ खड़े होकर नरेंद्र मोदी कहते हैं कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, जबकि वह कितने भ्रष्ट हैं यह पूरा प्रदेश जानता है। कहा, मजदूर, छोटे दुकानदार, गरीब और किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसके पास पैसे आने से अर्थव्यवस्था में जादू की तरह बदलाव होगा।

जमीन अधिग्रहण के बदले यूपीए की सरकार के समय मिलता था चार गुना मुआवजा

राहुल ने यूपीए के समय संसद से पारित भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें यह प्रावधान किया गया था कि किसानों, आदिवासियों की जमीन अगर सरकार अथवा औद्योगिक इकाइयां लेती हैं तो उन्हें बाजार की दर से चार गुना अधिक कीमत किसान के खाते में जमा करनी होगी। साथ ही बिना किसान की मर्जी के जमीन अधिग्रहण नहीं हो सकेगा।

केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के साथ ही इस प्रावधान को बदलने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में यूपीए के समय बने भूमि अधिग्रहण को लागू किया गया। देश में शायद पहली बार ऐसा हुआ कि काम शुरू नहीं करने पर टाटा समूह को दी गई जमीन वापस लेकर फिर किसानों, आदिवासियों को लौटा दी गईं। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ में किसानों को 2500 प्रति क्विंटल धान की कीमत मिल रही, वहीं दूसरी तरफ झारखंड में 1300 की दर से मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों  की रक्षा करने का दावा करते हैं। हकीकत आपके सामने है। इससे पहले सभा को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव, झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने संबोधित किया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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