Jharkhand Election 2019: भाजपा की गले की फांस बने सरयू राय, न उगलते बन रहे-न निगलते; हर तरफ सन्‍नाटा

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 भाजपा की गले की फंस बने सरयू राय न उगलते बन रहे हैं और न निगलते। मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ सरयू राय को नामांकन किए 24 घंटे से अधिक वक्त हो गया है लेकिन अब तक राय के निष्कासन को लेकर अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल उन्हें लेकर नफे-नुकसान का आकलन करते हुए चुप रहने में ही भलाई समझी जा रही है। इसकी एक वजह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का 21 नवंबर का प्रस्तावित दौरा भी बताया जा रहा है। पार्टी नहीं चाहती कि उसके किसी निर्णय से सरयू राय सुर्खियां बटोरें।

इधर, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने चक्रधरपुर में राय पर निर्णय के लिए एक नई मियाद तय करते हुए कहा है कि पार्टी नामांकन वापसी तक का इंतजार करेगी। इससे पूर्व गिलुवा ने कहा था कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ उतरने वाले को व्यवस्था के तहत छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है। स्पष्ट संकेत हैं कि निष्कासन का फैसला 21 नवंबर तक के लिए टल गया है।

इधर, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा के लिए कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा में राष्ट्रवादी विचारधारा और अंतिम व्यक्ति का विकास प्रमुख मुद्दा होता है। इस विचारधारा के विपरीत जो लोग निजी स्वार्थ के लिए कार्य कर रहे हैं, उन पर पार्टी की नजर है। प्रतुल ने एक बार फिर दोहराया कि भाजपा मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में विकास और स्थायी सरकार के मुद्दे पर 65 पार का लक्ष्य प्राप्त करेगी।

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