Jharkhand Election 2019: सरयू राय को नजरअंदाज करने में ही भाजपा को दिख रही भलाई, संगठन में चुप्‍पी

रांची, राज्य ब्यूरो। सरयू राय प्रकरण को भाजपा कतई तूल नहीं देना चाहती। फिलहाल राय को नजरअंदाज करने में ही भाजपा को अपनी भलाई नजर आ रही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ नामांकन करने के दो दिन बाद भी राय के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई संगठन के स्तर से नहीं की गई है। माना जा रहा है फिलहाल राय के निष्कासन की कार्रवाई को सात दिसंबर तक लटका कर रखा जाएगा। जब दूसरे चरण के मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, उसके बाद भाजपा उन्हें अधिकृत तौर पर निष्कासित करेगी। जमशेदपुर पूर्वी जिस सीट से राय ने मुख्यमंत्री के खिलाफ पर्चा दाखिल किया है, वहां भी इस तिथि तक मतदान की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

भाजपा के तमाम नेताओं ने राय पर किसी भी तरह की सीधी टिप्पणी से परहेज करना शुरू कर दिया है। भाजपा के चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर ने एक निजी चैनल से बातचीत में राय से जुड़े सवालों से किनारा किया। बिहार में भाजपा की सहयोगी जदयू के झारखंड में रुख पर कहा कि लोकतंत्र में हरेक को अपनी बात रखने का हक है। वे क्या कह रहे हैं, भाजपा इसकी चिंता नहीं करती। भाजपा अपने विकास कार्य के बूते जनता के बीच जाएगी और 65 प्लस का लक्ष्य हासिल करेगी। एक दिन पूर्व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी कहा था कि चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा के लिए कोई मुद्दा नहीं है।

आजसू के तेवर को बगावती नहीं मानते ओम माथुर

भाजपा के चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर एनडीए फोल्डर से अलग होने के बावजूद आजसू के तेवर को बगावती नहीं मानते। ओम माथुर ने एक निजी चैनल से बातचीत में आजसू को एक स्वतंत्र पार्टी बताया। स्पष्ट कहा कि कई बार निभता है, कई बार नहीं निभता। इसमें बगावत की कोई बात नहीं है।

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