Jharkhand Assembly Election 2019: पिछले चुनाव से सुदेश ने लिया बड़ा सबक, अपने नेताओं पर भरोसा-संगठन को महत्व

रांची, राज्य ब्यूरो। आजसू ने गठबंधन के तहत लोहरदगा तथा चंदनकियारी सहित 19 सीटों की मांग पर अडिग रहते हुए एक दर्जन प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर एक अहम निर्णय लिया है। इसे आजसू प्रमुख सुदेश महतो के पिछले विधानसभा चुनाव (वर्ष 2014) से लिए गए सबक के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही उन्होंने इस बार पार्टी संगठन को महत्व देते हुए पार्टी के भविष्य को भी ध्यान में रखा है।

आजसू ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची में उन तमाम नेताओं को स्थान दिया है, जो लगातार पांच वर्ष से अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव तैयारियों में लगातार और मजबूती से लगे थे। भाजपा के साथ गठबंधन की कवायद में उन सीटों पर किसी तरह का समझौता करने से इन्कार कर दिया। इनमें लोहरदगा व चंदनक्यारी के अलावा मांडू, सिमरिया, चक्रधरपुर जैसी सीटें भी शामिल हैं।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन में आजसू को बड़ा नुकसान सहना पड़ा था। सुदेश महतो और उनके कार्यकर्ताओं को इसकी टीस पूरे पांच वर्ष रही। पिछले चुनाव में गठबंधन के कारण आजसू को न केवल तीन सीटें बल्कि वहां के पार्टी नेता को भी खोना पड़ा था। गठबंधन में सीटें भाजपा में चले जाने के कारण इन तीन नेताओं ने दूसरे दलों में जाकर जीत भी हासिल की थी। इनमें हटिया (नवीन जायसवाल), गोमिया (योगेंद्र महतो) तथा चक्रधरपुर (शशिभूषण सामड) शामिल हैं।

हजारीबाग सीट भी भाजपा के पास चले जाने से आजसू के मजबूत नेता प्रदीप प्रसाद ने पार्टी छोड़ दी थी। इस बार पार्टी इस तरह का खतरा मोल लेना नहीं चाह रही थी। इसलिए शुरू से ही पार्टी इन सीटों पर न केवल अपनी दावेदारी की, बल्कि उसपर अडिग भी रही। इस बार पार्टी की एक सोच यह भी हो सकती है कि चुनाव के बाद गठबंधन का विकल्प भी पार्टी के पास खुला रह सकता है।

कई सीटें अभी भी होल्ड पर

आजसू ने 11 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने के बाद कई सीटों को अभी होल्ड पर रखा है। इनमें टुंडी, तमाड़, इचागढ़ और डुमरी जैसी सीटें भी शामिल हैं। टूंडी आजसू की सीटिंग सीट है तथा राजकिशोर महतो वहां से विधायक हैं। सीटिंग सीट में से यह एकमात्र सीट है, जिसकी घोषणा पहली सूची में नहीं की गई।  

आजसू में आज शामिल होंगे दूसरे दलों के कई विक्षुब्ध

आजसू द्वारा गठबंधन से इतर प्रत्याशियों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद दूसरे दलों के विक्षुब्ध नेता आजसू में शामिल हो सकते हैं। पार्टी अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी कहा है कि कई ऐसे नेता इसके प्रयास में हैं। पार्टी सोमवार को मिलन समारोह भी आयोजित करेगी, जिसमें ऐसे कई नेता आजसू की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। फिलहाल झामुमो की सदस्यता त्यागनेवाले पूर्व विधायक अकील अख्तर, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू, झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष तिलेश्वर साहू की पत्नी साबो देवी आदि के नामों की चर्चा है।

आजसू चार साल पहले ही अपने संभावित प्रत्याशियों की घोषणा कर देती है। संबंधित नेता इसी आधार पर सीटों पर चुनाव तैयारी करते हैं। हम उन सीटों पर समझौता नहीं कर सकते। पिछले विधानसभा चुनाव में स्थायी सरकार के लिए पार्टी ने कुर्बानी दी थी। सुदेश महतो, केंद्रीय अध्यक्ष, आजसू।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.