बूथ पर नहीं है आधार मगर राजनीतिक दल बढ़ाने में लगे जनाधार, पढ़िए चुनाव पर रोचक स्‍टोरी

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी प्रमुख राजनीतिक दल इन दिनों अपना जनाधार बढ़ाने में लगे हैं और अपनी जीत को लेकर भी बड़े बड़े दावे कर रहे हैं। जनता के बीच तो पता नहीं, लेकिन बूथों पर किसी दल का आधार 25 फीसद भी नहीं है, यानी प्रत्येक राजनीतिक दल ने करीब 75 फीसद बूथों पर एक भी एजेंट नहीं बनाया है।

तीन स्‍तरों पर होते हैं एजेंट नियुक्‍त

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय (सीईओ) दिल्ली के मुताबिक सभी राजनीतिक दल तीन स्तरों पर अपने प्रतिनिधि (एजेंट) नियुक्त करते हैं। कुछ प्रतिनिधि वह होते हैं, जो प्रदेश स्तर पर सीधे सीईओ कार्यालय से संपर्क में रहते हैं। कुछ जिला स्तर पर नियुक्त किए जाते हैं, जो जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े रहते हैं। तीसरे स्तर पर वह प्रतिनिधि होते हैं, जो बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें बीएलए कहा जाता है। लेकिन बूथ स्तर पर कमोबेश सभी राजनीतिक दलों की पकड़ बहुत ही कमजोर नजर आती है।

2019 के लोकसभा चुनाव में 13 हजार से ज्‍यादा बूथ

सीईओ कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मई 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में कुल 13,819 बूथ बनाए गए थे। लेकिन, दिल्ली का एक भी राजनीतिक दल ऐसा नहीं था, जो 25 फीसद बूथों पर भी अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त कर पाया हो। विडंबना यह है कि सीईओ कार्यालय की ओर से सभी दलों को बार- बार रिमाइंडर भी भेजे गए, लेकिन दलों की ओर से कोई सक्रियता नहीं दिखाई गई।

लोकसभा चुनाव में किस दल ने बनाए कितने बीएलए

दल -   बीएलए

कांग्रेस - 3,478

भाजपा - 3,024

आप - 1,881

बसपा- 252

एनसीपी - 01

सीपीआइ - 00

सीपीएम - 00

तृणमूल कांग्रेस-  00

विधानसभा चुनाव के लिए 69 बूथ किए कम

फरवरी 2020 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सीईओ कार्यालय ने लोकसभा चुनाव की तुलना में 69 बूथ कम कर दिए हैं। इस बार 13,819 पर नहीं बल्कि 13,750 बूथों पर मतदान होगा। बताया जाता है कि सीईओ कार्यालय ने एक बूथ पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1400 से बढ़ाकर 1500 कर दी है। लोकसभा चुनाव की तुलना में मतदान केंद्र भी 189 घटा दिए गए हैं। तब दिल्ली में 2889 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जबकि विधानसभा चुनाव के लिए 2700 बनाए जा रहे हैं।

बार -बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं मिली सूची

बीएलए नियुक्त करने के लिए सभी राजनीतिक दलों को बार-बार पत्र लिखा जाता है, लेकिन फिर भी वह सूची नहीं भेजते। जहां तक बूथ और मतदान केंद्र कम करने का सवाल है तो बहुत सी जगहों पर मतदाताओं की संख्या काफी कम थी, इसीलिए उन्हें अब दूसरे बूथों और मतदान केंद्रों में एडजस्ट कर दिया गया है।

-डा. रणबीर सिंह, सीईओ, दिल्ली

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