top menutop menutop menu

Kejriwal Oath Ceremony: साल 1952 से 2020 तक इन चेहरों के हाथ में रही दिल्ली की कमान

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। 16 फरवरी को रामलीला मैदान में वो लगातार तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में 62 सीटें जीती हैं जबकि 2015 में आप ने 67 सीटें जीती थीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अरविंद केजरीवाल सातवें नेता हैं। आइए जानते हैं अब तक किन-किन नेताओं ने ली है दिल्ली के सीएम पद की शपथ-

मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश

चौधरी ब्रह्म प्रकाश दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पश्चिमी दिल्ली विधानसभा से जीत दर्ज की थी। दिल्ली विधानसभा का चुनाव अक्टूबर 1951 में हुआ। इसके बाद चौधरी ब्रह्म प्रकाश को मुख्यमंत्री बनाया गया, जो 17 मार्च 1952 से 12 फरवरी 1955 तक मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा उन्होंने भारत सरकार में एग्रीकल्चर, फूड और सिंचाई मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली है।

गुरमुख निहाल सिंह

दिल्ली के दूसरे मुख्यमंत्री गुरमुख निहाल सिंह थे, जिन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। वो एक साल के लिए मुख्यमंत्री रहे, उनका कार्यकाल 1955 से 1956 तक रहा। 1956 में दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश के रूप में पारित कर दिया गया। इसके बाद 1993 में केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय राजधानी टेरेटरी दिल्ली अधिनियम' पारित कर दिल्ली में विधानसभा बनवा दी।

मदन लाल खुराना

1993 में 'राष्ट्रीय राजधानी टेरेटरी दिल्ली अधिनियम' पारित होने के बाद दिल्ली में पहली बार चुनाव हुआ। इन चुनावों में मदन लाल खुराना ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिन्होंने मोती नगर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। उनका कार्यकाल 1993 से 1996 तक रहा।

साहिब सिंह वर्मा

दिल्ली के चौथे मुख्यमंत्री थे साहिब सिंह वर्मा, जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की तरफ से दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राजस्थान का गर्वनर भी बनाया गया था। साहिब सिंह वर्मा ने 1996 से 1998 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया।

सुषमा स्वराज

भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज दिल्ली की पांचवी और पहली महिला मुख्यमंत्री थीं। इन्होंने 51 दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री का पद संभाला क्योंकि उन्हें भारत सरकार में विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। सुषमा स्वराज दिल्ली की सत्ता में काबिज होने वाली भाजपा की आखिरी नेता भी थीं। वो 13 अक्टूबर 1998 से 3 दिसंबर 1998 तक सीएम रहीं।

शीला दीक्षित

सुषमा स्वराज के बाद फिर से दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला बनी्ं। शीला दीक्षित ने कांग्रेस के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वो लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। उनका कार्यकाल 15 साल 24 दिन यानि 4 दिसंबर 1998 से 27 दिंसबर, 2013 तक रहा।

अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने 2013 में दिल्ली के सातवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन उस वक्त उनकी सरकार सिर्फ 48 दिनों तक ही चली। हालांकि वो दो बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे और आज तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनका पहला कार्यकाल 28 दिसंबर, 2013 से 02 फरवरी, 2014 तक रहा और दूसरा कार्यकाल 14 फरवरी, 2015 से 15 फरवरी, 2020 तक रहा।

शपथ से कुछ दिन पहले हो गया था दिल्ली के इस चुने गए मुख्यमंत्री का निधन

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.