दिल्ली में बाबासाहब अम्बेडकर के आदर्शों पर आधारित पाठ्यक्रम शुरू, सीएम ने किया लांच

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर महान हस्ती थे। उन्हें सिर्फ दलितों के नेता बनाकर उनके दायरे को संकुचित कर दिया गया है। इतने महान व्यक्तित्व को सीमित दायरे में नहीं बांधा जा सकता है। बाबा साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर शुक्रवार को त्यागराज स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में यह बातें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहीं। उन्होंने बाबा साहेब पर पाठ्यक्रम भी लांच किया।

केजरीवाल ने कहा कि शुरूआत में इसे दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा। बाद में निजी स्कूलों में भी यह पाठ्यक्रम शुरू कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के प्रति दिल्ली सरकार की यह सच्ची श्रद्धांजलि है। इस दौरान डॉ भीमराव अंबेडकर पर एक शॉर्ट बायोग्राफी पुस्तिका भी लांच की गई।

अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बाबा साहेब ने दलितों समेत समाज के हर उस वर्ग की आवाज उठाई जो समाज में दबा-कुचला था और अन्याय झेल रहा था। उन्होंने गरीब परिवार से निकलकर डबल डॉक्टरेट की डिग्री ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को स्थापित करने में उन्होंने काफी योगदान दिया। हिंदू कोड बिल में महिलाओं को स्थान दिलाया। हमारे देश में महिलाओं को जो बराबरी का अधिकार मिला है उसमें बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर का विशेष योगदान है। महान व्यक्तित्व के बारे में हम बच्चों को कहानी की तरह बताएंगे ताकि बच्चों को इससे प्रेरणा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने देश को ऐसा संविधान दिया जिसमें सबकी बराबरी, जीने का अधिकार, आजादी व सबको बोलने के अधिकार की बात है। बाबा साहेब के बारे में लांच की गई पुस्तिका एक ड्राफ्ट की तरह है। इसे पढ़ाने के दौरान बच्चों व शिक्षकों का जैसा फीडबैक मिलेगा उसी के अनुसार पुस्तिका को अपडेट किया जाएगा। दो साल के भीतर हम बाबा साहेब के बारे में एक ऐसा कोर्स तैयार कर लेंगे जिसे पूरे देश में पढ़ाया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक, बच्चे व अभिभावक मौजूद रहे।

 स्पेशल क्लास में पढ़ाएंगे बाबा साहेब के बारे में

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन एक विचार है। उनका सपना था कि हिंदुस्तान के लोग अलग-अलग जाति व धर्म के होते हुए भी एक संविधान से बंधकर रह सकते हैं। पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों से बात की गई। जीवनी पढी़ गई। उसके बाद बायोग्राफी तैयार की गई। हर बच्चा बाबा साहेब के प्रारंभिक जीवन को समझ सके और यह संकल्प ले सके कि वह समाज में भेदभाव नहीं होने देंगे। तभी हमारा मकसद पूरा होगा।

सीएम ने कहा कि हम लाखों बच्चों के मन में यह संकल्प लाएंगे कि जाति व धर्म के आधार पर भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि स्पेशल क्लास लगाकर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में छठीं, सातवीं व आठवीं कक्षा के बच्चों को अंबेडकर की जीवनी, सोच व काम के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा। यह पाठ्यक्रम बच्चों को देशभक्ति सिखाने की दिशा में पहला ठोस कदम है। किताब को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों से फीडबैक भी लिया जाएगा।

वहीं, दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि दिल्ली के बच्चों के सपनों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उड़ान दी है।

 

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