Danapur Election 2020: दानापुर सीट पर आशा के गढ़ को चुनौती दे रहे राजद के रीतलाल, 50 फीसद मतदाता बूथ पर पहुंचे

दानापुर सीट से भाजपा प्रत्‍याशी आशा देवी और राजद प्रत्‍याशी रीतलाल यादव।
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 10:02 PM (IST) Author: Shubh Npathak

जेएनएन, पटना। दानापुर विधानसभा क्षेत्र से हैट्रिक लगाकर आशा देवी ने वहां भाजपा का गढ़ बना दिया है। भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाने के लिए राजद ने रीत लाल राय को मैदान में उतारा है। आशा देवी और रीतलाल की भिड़ंत 2010 में भी हो चुकी है। उस समय रीतलाल ने निर्दलीय ताल ठोकी थी। इस बार रीत लाल ने लालटेन थामा है। मुकाबले में 17 और प्रत्याशी हैं, पर टक्कर आमने-सामने की है। रीतलाल एक बार पहले आशा से इसी सीट पर मात खा चुके हैं। इस सीट पर 49.80 फीसद मतदान दर्ज किया गया है।

प्रमुख मुद्दे

1. औद्यौगिक क्षेत्र का विकास : दानापुर के नासरीगंज में औद्यौगिक क्षेत्र का विकास प्रारंभ तो हुआ, पर हो न सका। क्षेत्र उपेक्षा का शिकार हुआ और फैक्ट्री व कल-कारखाने बंद होते चले गए। सीमेंट, बिस्कुट, आयरन , पशु आहार और पीवीसी पाइप की फक्ट्रियां बंद हो गईं। इससे स्थानीय स्तर का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।

2. दियारावासियों का दर्द : गंगा से होने वाला कटाव दानापुर विधानसभा के दियारा क्षेत्र की सबसे बड़ी त्रासदी है। कटाव से विस्थापित लोग आज भी मुबारकपुर कृषि फार्म में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं। अमूमन हर साल गंगा का जलस्तर बढऩे पर तीन से चार माह तक दियारावासी इधर-उधर भटकने को मजबूर रहते हैं।  

3. जाम : दानापुर विधानसभा क्षेत्र राजधानी से सटा हुआ है। हर दिन यहां से काफी संख्या में लोग रोजी-रोटी के लिए आवगमन करते हैं। काफी संख्या में वाहनों के परिचालन और अव्यवस्थित यातायात की वजह से जाम की समस्या बनी रहती है।

4. अतिक्रमण : दानापुर से राजधानी की ओर जाने वाली सड़कों के किनारे और फुटपाथों पर दुकानदार, ठेला और फल-सब्जी वालों का अतिक्रमण रहता है। रही-सही कसर वाहनों को लगाकर पूरा कर दिया जाता है। इससे सड़क पर चलने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

5. जलनिकासी : जलनिकासी की समस्या भी दानापुर विधानसभा के कई क्षेत्रों में बनी हुई है। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां सड़कों की ऊंचाई घरों के दरवाजों से भी अधिक हें। बारिश होने पर नालों का पानी भी यहां घरों में घुस जाता है।

इस बार दानापुर से कुल 19 प्रत्याशी में

आशा देवी : भाजपा

रीतलाल राय : राजद

रघुबीर महतो : रा. जनसंभावना पार्टी

विजय शंकर मिश्र : भा. जनक्रांति दल

रमेश कुमार : निर्दलीय

दीपक कुमार : रालोसपा

सिद्धेश्वर प्रसाद : भा. रा. दल

अमरेंद्र कुमार : लो. सर्वजन समाज पार्टी

सुरेंद्र प्रसाद : निर्दलीय

राकेश कुमार रंजन : जवान किसान मोर्चा

गणेश राय : निर्दलीय

सूरजदेव राय : भा. लोकमत रा. पार्टी

मनोज कुमार सिन्हा : राकांपा

अमरनाथ राय : द प्लूरल्स पार्टी

सोनू कुमार : निर्दलीय

सूरज प्रसाद : निर्दलीय

शंभू शर्मा : लोगजन पार्टी से.

रामजी राय : असली देसी पार्टी

श्याम रजक : निर्दलीय

वर्ष - कौन हारा - कौन जीता

2015 - आशा देवी, भाजपा - राज किशोर यादव, राजद

2010 - आशा देवी, भाजपा - रीत लाल यादव, राजद

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.