Bihar Election 2020: बिहार के चर्चित Ex DGP गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने थामा जदयू का दामन, बक्‍सर जिला के शाहपुुर से लड़ सकते हैं चुनाव

बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे्य को जदयू की सदस्‍यता दिलाते सीएम नीतीश कुमार व अन्‍य नेता।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 03:15 PM (IST) Author: Sumita Jaiswal

पटना, जेएनएन। Bihar Assembly Election 2020: पांच दिन पहले बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद से स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति (voluntary retirement) लेने वाले गुप्तेश्वर पांडेय 27 सितंबर, रविवार को जदयू में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद उन्हें एक अणे मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) में जदयू की सदस्यता दिलाई। उसके बाद सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी उन्हें लेकर पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और प्रेस से बात की।

मैं दल का अनुशासित सिपाही

ललन सिंह ने कहा कि जहां कहीं भी सांप्रदायिक तनाव की बात सामने आई, गुप्तेश्वर पांडेय ने वहां खुद जाकर पूरी स्थिति को नियंत्रित किया। चुनाव लडऩे के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तक उनका बायोडाटा नहीं आया है। इस संदर्भ में गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि यह पार्टी को तय करना है कि वह उनका किस तरह से उपयोग करती है। वह पार्टी के अनुशासित सिपाही के रूप में दल के सभी आदेश को मानेंगे। बकौल गुप्तेश्वर, मैैं आरंभ से ही नीतीश कुमार के काम से प्रभावित रहा हूं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के काम में कभी हस्तक्षेप नहीं किया।

शाहपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा

फिलहाल गुप्तेश्वर पांडेय के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की चर्चा है। बक्सर जिला में यह विधानसभा क्षेत्र अभी राजद के कब्जे में है। शिवानंद तिवारी के पुत्र राहुल तिवारी ने 2015 के चुनाव में यहां जीत दर्ज कराई थी। भाजपा के विशेश्वर ओझा निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे थे।  दीगर है कि पुलिस महकमे (Police Department) में  बड़ी-बड़ी कुर्सियों की शोभा बढ़ा चुके अफसरों  के चुनावी मैदान में उतरने से इस बार बिहार विधानसभा चुनाव (Assembly)  बेहद रोचक हो  चला है।

बेबाक अंदाज के लिए चर्चित हैं गुप्‍तेश्‍वर पांडेय

फिलहाल गुप्‍तेश्‍वर गुप्तेश्वर पांडेय गूगल पर भी खूब सर्च किए जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में  वे गूगल सर्च के टॉप 10 में शामिल रहे।  वे सुशांत सिंह राजपूत मामले के कारण पूरे देश में चर्चा में आए। तब उन्‍होंने महाराष्‍ट्र पुलिस पर बिहार पुलिस को जांच में असहयोग करने का आरोप लगाया था। उन्‍होंने ही सुशांत के मौत की मामले की सीबीआइ से जांच कराने को सीएम नीतीश से आग्रह किया था। इसके बाद राज्‍य सरकार ने केंद्र से सीबीआ जांच की सिफारिश की थी। रिया चक्रवर्ती  को कह  दिया  था  कि उनकी औकात नहीं है बिहार के सीएम पर टिप्‍पणी करने की ।

किसी ने रॉबिनहुड तो किसी ने नया बिहारी बाबू कहा

गुप्‍तेश्‍वर पांडेय के डीजीपी पद से वीआरएस लेने के अगले दिन ही उनका एक म्‍यूजिक वीडियो रिलीज हुआ। इसमें वे पुलिस की दबंग छवि में दिख रहे हैं। उनपर गाए गाने के बाेल है गुप्‍तेश्‍वर पांडेय हैं, रॉबिनहुड बिहार के। इसे बिग बॉस के पूर्व प्रतिभागी दीपक ठाकुर ने गाया है। म्‍यूजिक वीडियो रिलीज होते ही पांडे्य को किसी ने नया बिहारी बाबू तो किसी ने शॉटगन कहा। फेसबुक, ट्वीटर और यू-ट्यूब पर उनपर खूब लाइक और कमेंट्स बरसें।

पांच दिन पहले ली वीआरएस

बता दें कि चर्चित पूर्व डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने पांच दिन पहले ही बिहार के डीजीपी पद से सेवा समाप्‍त होने के पांच महीने पहले ही स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है। वीआरएस लेने के बाद से ही उनके जदयू में शामिल होने की चर्चा गरम थी। बीेते शनिवार 26 सितंबर को जब वे मुख्‍यमंत्री आवास पर फिर जदयू कार्यालय में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की तो राजनीति ज्‍वाइन करने की चर्चा को और बल मिला।

सीएम नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की

इसके पहले गुप्तेश्वर पांडेय ने जमकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की। कहा, उनका आभार प्रकट करने जदयू दफ्तर आया था। उन्होंने मुझे डीजीपी तो बनाया ही साथ ही साथ बिना किसी दबाव काम करने का मौका दिया। काम करने की मुझे पूरी आजादी रही। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि कोरोना के मामले में राज्य सरकार ने काफी बढिय़ा काम किया है। पुलिस ने भी कोरोना नियंत्रण के काम में बेहतर भूमिका निभायी। नीतीश कुमार को वह श्रेष्ठ मुख्यमंत्री मानते हैैं।

राजनीति में आने के दिए थे संकेत

जानकारी के अनुसार वे बक्सर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इस बीच चर्चा वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने की भी चल रही है। इसके पहले गुप्‍तेश्‍वर पांडेय ने राजनीति में आने के संकेत दे दिए थे। उन्‍होंने कहा था कि बिहार की लगभग एक दर्जन विधानसभा के लोग उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं। अगर वे मुझे राजनीति में देखना चाहते हैं तो मैं ऐसा कर सकता हूं। यह पूरी तरह जनता का फैसला होगा।

 

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